लखनऊ. उत्तरप्रदेश में 12 जुलाई को पौधरोपण महाभियान-2026 के तहत एक बार फिर नया इतिहास रचने की तैयारी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे. इस महाभियान को जनभागीदारी के साथ उत्सव के रूप में मनाने की योजना बनाई गई है, जिसमें सरकारी विभागों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों, स्कूल-कॉलेजों और आम नागरिकों की भी भागीदारी होगी.
इसे भी पढ़ें- मुद्दा उठाओगे तो जांच के घेरे में आओगे! राम मंदिर चढ़ावा मामले में VHP अध्यक्ष की बड़ी मांग, केजरीवाल, प्रियंका गांधी और रामगोपाल यादव के बयान को लेकर जो कहा…
अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सोमवार से जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे. वहीं वन मंत्री विभिन्न विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा करेंगे. पौधरोपण अभियान में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग सबसे अधिक 15.50 करोड़ पौधे लगाएगा. इसके अलावा ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान विभाग 1.50 करोड़ और पंचायती राज विभाग 1.22 करोड़ पौधरोपण करेगा. गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे भी 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे.
इसे भी पढ़ें- नायक होने की पहली शर्त है, यादव होना! ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, जानिए सुभसपा प्रमुख ने क्यों कहा ऐसा?
वन विभाग ने इस वृहद अभियान के लिए अपनी लगभग दो हजार नर्सरियों में 52.44 करोड़ पौधे तैयार किए हैं, जिन्हें विभिन्न विभागों और संस्थाओं के माध्यम से वितरित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पौधरोपण महाभियान को जनोत्सव के रूप में मनाया जाए और इसमें जनप्रतिनिधियों, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, युवक एवं महिला मंगल दल, रोटरी, लायंस क्लब, इको क्लब, किसान उत्पादक संगठनों और व्यापार मंडलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए.
इसे भी पढ़ें- पहले बिहार, अब UP की बारी! 27 के चुनावी रण में उतरने की तैयारी में LJP, रामविलास पासवान की जयंती पर चिराग पासवान ने दिया बड़ा बयान
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी ने बताया कि सभी विभागों, मंडलों और जनपदों के लक्ष्य निर्धारित किए जा चुके हैं और व्यापक जनसहभागिता के साथ इस वर्ष भी 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य पूरा किया जाएगा. कई नए विशिष्ट वनों की स्थापना भी इस महाभियान की विशेषता होगी.

