रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर लगाए गए कथित आपत्तिजनक होर्डिंग को लेकर मंत्री मनोज पाण्डेय ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने होर्डिंग में ब्राह्मण समाज के व्यक्ति को घुटनों के बल बैठाकर दिखाए जाने तथा उसके धार्मिक प्रतीकों त्रिपुण्ड और जनेऊ को ‘चंदा चोरी’ जैसे आरोपों से जोड़ने के प्रयास को घोर आपत्तिजनक और निंदनीय करार दिया.

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मंत्री ने कहा कि सपा के कार्यालय के बाहर लगाया गया यह होर्डिंग राजनीतिक संस्कारों और सामाजिक मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघता है. ब्राह्मण समाज की आस्था, धार्मिक पहचान और परंपराओं का इस तरह सार्वजनिक उपहास करना केवल एक समाज का अपमान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं को सीधे चोट पहुंचाना है.

‘घुटनों पर दिखाकर किस मानसिकता का प्रदर्शन कर रही सपा?’

मनोज पाण्डेय ने सवाल उठाया कि ब्राह्मण समाज के व्यक्ति को घुटनों के बल बैठाकर और त्रिपुण्ड-जनेऊ जैसे धार्मिक प्रतीकों को अपमानजनक संदर्भ में दिखाकर समाजवादी पार्टी किस मानसिकता का प्रदर्शन करना चाहती है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अपनी जगह है, लेकिन किसी समाज की आस्था और सम्मान को कुचलने की कोशिश लोकतांत्रिक राजनीति नहीं, बल्कि घटिया राजनीतिक सोच का परिचायक है.

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उन्होंने सपा नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज के सम्मान और उसकी धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. सपा को तत्काल प्रभाव से होर्डिंग हटवाना चाहिए और ब्राह्मण समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.

‘समाज को अपमानित कर वोट की राजनीति नहीं चलेगी’

मंत्री ने कहा कि समाज को अपमानित कर वोट की राजनीति करने का प्रयास अब नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और राजनीतिक दलों की नीतियों का विरोध किया जा सकता है, लेकिन धार्मिक प्रतीकों और सामाजिक पहचान को निशाना बनाना निंदनीय है.