वाराणसी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय पर निशाना साधा है. उन्होंने बगैर नाम लिए हुए कहा कि हम उन लोगों में नहीं हैं कि वोटबैंक के लिए किसी माफिया के सामने गिड़गिड़ाएं. उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग आएंगे आपके सामने, नई-नई घोषणाएं करेंगे, जातीय आधार पर बाटेंगे. समाज को विभाजन की ओर ले जाने का पाप करेंगे, लेकिन जब किसी दुर्दांत माफिया पर कार्रवाई करने की बात आएगी तो उनकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाएगी. मौन होकर गिड़गिड़ाने लगते हैं. भले ही उनके परिवार का नुकसान हुआ हो, लेकिन उन माफिया के सामने वो गिड़गिड़ाते दिखाई दिए.
बुधवार को वाराणसी के पिंडरा विधानसभा में कामकाजी महिलाओं के लिए आयोजित सम्मान समारोह के दौरान महिलाओं को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज माफिया गुंडों को दो टूक बोल दिया गया है कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो जेल या जहन्नुम में दो में से एक चुनना होगा.
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बीते 12 वर्ष में काशी में 1 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी में पिछले 12 वर्ष में 1 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट या आज तो शुरू हो रहे हैं या पूरे हो चुके हैं. प्रधानमंत्री जी ने बिना भेदभाव के अपने स्तर पर प्रयास किया, देश में कोई नई टेक्नोलॉजी या इनोवेशन आता है तो काशी में जरूर आता है. उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक तबके के लिए उन्होंने कुछ न कुछ किया है, इसीलिए आज दुनिया मे वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय राजनेता की चर्चा होती है तो सबसे पहले काशी के सांसद के रूप में प्रधानमंत्री मोदी का नाम आता है.
अब बैरियर हटाकर लाभार्थी तक पहुंचाने का कार्य
उन्होंने कहा कि 2017 के पहले बेटी को स्कूल भेजना होता तो सुरक्षा की चिंता, घर में शौचालय न हो तो बेटी बहन माताओं के सम्मान की चिंता, रसोई में धुआं था तो स्वास्थ्य की चिंता, इलाज करवाने के लिए पैसे की चिंता, घर चलाना हो तो आमदनी की चिंता, अगर महिला घर से बाहर निकल कुछ करना चाहें तो रास्ते की चिंता, कनेक्टिविटी की चिंता, अवसर की चिंता, अवसर तक पहुंचने के कीमत की चिंता होती थी. उन्होंने कहा कि आज हमने एक ऐसा तंत्र तैयार किया ऐसी स्थिति बनाई, जिसमें केवल योजना बनेगी ही नहीं, बल्कि इस मार्ग में जो बैरियर होगा उसे हटाकर लाभार्थी तक पहुंचाने का कार्य हो रहा है.
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प्रदेश में सुरक्षा का मजबूत आधार दिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटी की सुरक्षा का सवाल होता था, कॉलेज जाना हो, किसी ट्रेनिंग जाना हो तो परिवार के सामने पहला सवाल होता था कि बेटी की सुरक्षा का क्या होगा. उन्होंने कहा कि जब परिवार को सुरक्षा का भरोसा नहीं होता तो सबसे पहले बेटी के सपनो पर रोक लगती है. बेटी जो सपना देखती है तो उस पर विराम लग जाता है, इसीलिए हमने 2017 में तय किया कि बेटी को बढ़ाना है, पढ़ाना भी है, बेटी के रास्ते से भय भी समाप्त करना है, अब वो असुरक्षित नहीं होगी. हमने प्रदेश में सुरक्षा का मजबूत आधार दिया है.
दो ही जगह, जेल या जहन्नुम
मुख्यमंत्री ने कहा कि घर से बाहर कैसे निकलें, 9 वर्ष पहले ये सवाल था, कहां तक जाना है, आज ये सवाल है. उन्होंने कहा कि पहले घर से बाहर निकलने में बेटियां माताएं बहनें डरती थीं, आज नहीं है, आज उन्हें कोई चिंता नहीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पहले ही कह दिया है, बेटी, बहन की सुरक्षा में सेंध लगाई तो दो ही जगह है या तो जेल होगी या जहन्नुम.



