लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. सोमवार सुबह से राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के 20 शहरों में रुक-रुककर बारिश हो रही है. आसमान में घने काले बादल छाए हैं, जिससे कई इलाकों में सुबह के वक्त ही अंधेरे जैसा माहौल बना हुआ है. लगातार बारिश से शहरों में जलभराव और नदियों में बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

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20 शहरों में सुबह से बारिश, 46 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और बाराबंकी समेत करीब 20 शहरों में सोमवार सुबह 5 बजे से बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 46 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. लखनऊ में करीब तीन घंटे से तेज बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं. रविवार को राजधानी में इस सीजन की एक दिन में सबसे ज्यादा 40.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी.

संभल से सीतापुर तक बारिश का असर

संभल में देर रात हुई तेज बारिश के बाद सरकारी अस्पताल के बाहर करीब एक फीट पानी भर गया. कई गलियों में लोग घुटनों तक पानी के बीच गुजरते दिखाई दिए. बारिश को देखते हुए सीतापुर में कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है. रायबरेली में सरकारी अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड तक पानी पहुंच गया. मरीजों और तीमारदारों को घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा. लखनऊ के जानकीपुरम जैसे पॉश इलाके में भी जलभराव के कारण पानी घरों के बेडरूम और किचन तक पहुंच गया.

गंगा-यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर

यूपी में गंगा-यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं. कानपुर और उन्नाव में गंगा किनारे बसे इलाकों में पानी घुस गया है. 500 से ज्यादा घरों के डूबने की बात सामने आई है. कई जगह सड़क और गलियों में नावों से लोगों को आवाजाही करनी पड़ रही है, जबकि कुछ लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं. चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ गया है. रामघाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं. आरोग्यधाम पुल के ऊपर से नदी का पानी बह रहा है और घाटों की दुकानों तक पानी पहुंच गया है.

वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण घाट किनारे बने 100 से अधिक छोटे मंदिर जलमग्न हो गए हैं. हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल भी पानी की चपेट में है. प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है.

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अगले 3 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

फर्रूखाबाद में नेकपुर पुल के पास करीब 150 मीटर कासगंज-कानपुर रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया. जालौन के प्राचीन भूतेश्वर महादेव मंदिर में भी बारिश का पानी भर गया, जहां पुजारी और श्रद्धालुओं ने घुटनों तक पानी में खड़े होकर आरती की. लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजर रहा है. इसके आगे बढ़ने के साथ कमजोर होने के बावजूद इसके प्रभाव से उत्तर भारत में मानसून फिर मजबूत हो रहा है. उनके अनुसार अगले तीन दिन तक यूपी में बारिश का दौर जारी रह सकता है.