सांसद वरुण चौधरी ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए नदियों की खुदाई न कराने पर सरकार को घेरा है। इसके विरोध में 31 मई को मुलाना में बड़ा प्रदर्शन और हस्ताक्षर अभियान शुरू होगा।
अनिल शर्मा,अंबाला। गत वर्षों क्षेत्र में बाढ़ के कारण जनमानस के जान-माल व पशुधन का बहुत नुकसान हुआ था। सरकार को मानसून सीजन आने से पहले समय रहते सतर्क होकर मारकंडा, बेगना, घग्गर, टांगरी, सोम सहित अन्य सभी नदियों की खुदाई व नालों की सफाई का काम युद्धस्तर पर करना चाहिए था। लेकिन सरकार ने आज तक भी किसी नदी की कोई खुदाई नहीं की है, जिस कारण आने वाले मानसून में फिर से बाढ़ के कारण नुकसान का अंदेशा है। इसी लापरवाही के विरोध में 31 मई, दिन रविवार को सुबह 9:00 बजे मारकंडा नदी मुलाना पुल के नीचे धरना प्रदर्शन कर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। यह बात सांसद वरुण चौधरी ने मुलाना विश्राम गृह व अपने बराड़ा आवास पर साथियों से मुलाकात के दौरान कही।
विधानसभा और सरकार स्तर पर उठाई आवाज
सांसद ने कहा कि मुलाना विधायक पूजा द्वारा भी विधानसभा में नदियों की खुदाई को लेकर आवाज उठाई गई थी। इसके साथ ही सांसद के तौर पर मेरे द्वारा भी मुख्यमंत्री हरियाणा को पत्र लिखकर यह मांग प्रमुखता से रखी गई थी, लेकिन अभी तक नदियों की खुदाई को लेकर धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ है।

जलभराव से जनता और किसानों को भारी नुकसान
सांसद ने कहा कि क्षेत्र में मानसून सीजन के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। हर वर्ष बरसात के मौसम में नालों की सफाई न होने के कारण जल निकासी बाधित हो जाती है, जिससे गांवों और शहरों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। इससे आमजन के घरों, पशुधन, किसानों की फसल और व्यापारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
सरकार की ढिलाई से जनता में भारी रोष
सरकार की ढिलाई के कारण पिछले सालों में बाढ़ से किसानों की फसलें बर्बाद हुईं और आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा। आमजन पहले ही मंदी से त्रस्त है और सरकार नदियों की खुदाई न करवाकर उन्हें पीछे धकेलने का काम कर रही है। सांसद ने क्षेत्रवासियों से 31 मई, दिन रविवार को सुबह 9:00 बजे मारकंडा नदी मुलाना पुल के नीचे इस विरोध प्रदर्शन व हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा बनने की अपील की ताकि इस बाढ़ से प्रभावित आमजन की आवाज सरकार तक पहुंचे और क्षेत्र की नदियों की सफाई पर त्वरित कार्यवाही हो।

