चंकी बाजपेयी, इंदौर। शहर में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का तेजाजी नगर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह का तौर-तरीका बेहद चौंकाने वाला था। नाबालिग लड़के शहर से गाड़ियां चुराते थे और बालिग आरोपी उन्हें 8 से 10 हजार रुपये में ठिकाने लगा देते थे। पुलिस ने मामले में दो बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को अपनी अभिरक्षा में लिया है। आरोपियों के पास से चोरी के 11 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं।

थाना प्रभारी की टीम को मिली थी गुप्त सूचना

डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि शहर में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम और उनकी टीम को सूचना मिली कि कुछ नाबालिग संदिग्ध परिस्थितियों में वाहन चोरी में शामिल हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उन्होंने वाहन चोरी की बात कबूल की और बताया कि वे चोरी की गाड़ियों को प्रकाश और मुकेश नाम के दो बदमाशों को सौंप देते थे।

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नशे की लत के लिए करते थे चोरी

नाबालिगों की निशानदेही पर पुलिस ने प्रकाश और मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि नाबालिग गाड़ियां चुराकर लाते थे और ये दोनों आरोपी उन गाड़ियों को सस्ते दामों में (मात्र 8 से 10 हजार रुपये में) ग्राहक तलाशकर बेच देते थे। आरोपी अपने नशे के शौक और जरूरतों को पूरा करने के लिए इस अपराध को अंजाम दे रहे थे।

3 से 4 थाना क्षेत्रों से चुराई थीं गाड़ियां

पुलिस के अनुसार बरामद किए गए 11 दोपहिया वाहन शहर के 3 से 4 अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चुराए गए थे।

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नरेंद्र रावत, डीसीपी, इंदौर

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