अनुराग शर्मा, सीहोर। एक तरफ भाजपा का प्रशिक्षण वर्ग सीहोर में चल रहा है, जहां पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हीं कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर भी देखने को मिला। जी हां, मामला ग्राम अमलाहा डीसी का है, जहां 15 दिनों से रात के समय लगातार हो रही भारी बिजली कटौती से ग्रामीणजन बेहद परेशान और आक्रोशित हैं।

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उग्र आंदोलन की चेतावनी

आज ग्रामवासी एकत्रित होकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन के लिए सड़क पर उतरे। आंदोलन के दौरान कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी निर्मित हुई, लेकिन प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रित रही। मौके पर थाना प्रभारी टीआई गिरीश दुबे, अमलाहा चौकी प्रभारी प्रेमसिंह ठाकुर सहित पूरा पुलिस बल तैनात रहा। ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन को तीन दिनों का अल्टीमेटम दिया है। यदि निर्धारित समय में बिजली कटौती की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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किसान, व्यापारी वर्ग परेशान

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो कार्यकर्ता और आमजन सरकार के साथ मजबूती से खड़े रहते हैं, आज वही अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर क्यों हैं? किसान परेशान हैं, व्यापारी वर्ग परेशान है और आम जनता लगातार बिजली संकट से जूझ रही है। जनता अब जवाब चाहती है, क्योंकि आखिरकार -यह पब्लिक है, सब जानती है।

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