राकेश चतुर्वेदी/शब्बीर अहमद, भोपाल। स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर मध्य प्रदेश की सियासत में ‘सांप्रदायिकता’ और ‘संविधान’ को लेकर एक बड़ा वैचारिक और राजनीतिक युद्ध छिड़ गया है। भोपाल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा केंद्र सरकार को घेरने और ‘बहुसंख्यक सांप्रदायिकता’ को देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बता दिया गया, जिस पर बीजेपी के फायरब्रांड विधायक रामेश्वर शर्मा ने मोर्चा संभालते हुए तीखा हमला बोला दिया। रामेश्वर शर्मा ने दो टूक कहा कि नेहरू से लेकर दिग्विजय सिंह तक इन सभी की नजरों में हमेशा ‘हिंदू’ ही खटकता है।
दिग्विजय सिंह ने क्या कहा?
भोपाल में पंडित नेहरू की पुण्यतिथि कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंडित नेहरू की विचारधारा और संविधान को बदलने का प्रयास कर रही है। नेहरू के विचारों का हवाला देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि सांप्रदायिकता समाज में नफरत पैदा करती है। अल्पसंख्यक की सांप्रदायिकता से ज्यादा बहुसंख्यक की सांप्रदायिकता ज्यादा खतरनाक होती है और आज देश के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है।
संविधान को बदलने का काम आप सबके सामने है- दिग्विजय
दिग्विजय सिंह ने पंडित नेहरू के योगदान और संविधान की मूल भावना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नेहरू ने भारतीय संविधान में जिन बातों का उल्लेख करवाया था, पंडित नेहरू की जो विचारधारा थी और जिसे उन्होंने संविधान का हिस्सा बनाया, आज उसे भी इस प्रकार से बदलने का काम किया जा रहा है, वह आप सबके सामने है।
सांप्रदायिकता पर नेहरू का बयान किया याद
देश में बढ़ती नफरत और ध्रुवीकरण की राजनीति पर बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने पंडित नेहरू के एक ऐतिहासिक और गंभीर कथन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू ने हमेशा से ही कहा था कि सांप्रदायिकता बहुत खराब चीज है। यह समाज में सिर्फ द्वेष पैदा करती है और चारों तरफ नफरत फैलाती है।

रामेश्वर शर्मा का पलटवार: ‘क्या जिन्ना हिंदू था जो देश बांट दिया?’
दिग्विजय सिंह के इस बयान पर आगबबूला हुए हुजूर विधानसभा से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने सिलसिलेवार ढंग से कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर दिग्विजय सिंह तक इनकी नजरों में हमेशा हिंदू ही खटकता है। ये लोग हिंदुओं को दुश्मन के रूप में देखते हैं। मैं इनसे पूछना चाहता हूं कि क्या 1947 में देश का विभाजन हिंदुओं ने कराया था? क्या देश के टुकड़े करने वाला मोहम्मद अली जिन्ना हिंदू था?
‘कांग्रेस करती है तुष्टीकरण की राजनीति’
बीजेपी विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण और अलगाववाद की राजनीति करने का बड़ा आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा देश का विभाजन कराने वालों के साथ तब भी कांग्रेस खड़ी थी और आज भी खड़ी है। अल्पसंख्यक-अल्पसंख्यक का राग अलाप कर आप मुसलमानों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने के बजाय उन्हें अलग कर रहे हैं। कांग्रेस देश में अलगाववाद और कट्टरता पैदा करना चाहती है।
‘हिंदू कभी सांप्रदायिक नहीं रहा, अब उसने करवट ली है’
दिग्विजय सिंह को इतिहास की याद दिलाते हुए रामेश्वर शर्मा ने सवाल दागते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह जी जरा अपने चहेतों से पूछिए कि देश के मठ-मंदिर किसने तोड़े? इतिहास गवाह है कि हिंदू कभी सांप्रदायिक नहीं रहा, हिंदू ही दुनिया के मानचित्र और वसुधैव कुटुंबकम का सम्मान करने वाला है। लेकिन आज के हिंदू ने करवट ली है, वह जाग चुका है और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।


