Business Desk – Waterways Leisure Tourism IPO : देश की प्रमुख क्रूज कंपनी वॉटरवेज लीजर टूरिज्म का IPO आज 23 जून से निवेशकों के लिए खुल गया है. निवेशक इस इश्यू में 25 जून तक बोली लगा सकेंगे. कंपनी ने प्रति शेयर 769 रुपए से 808 रुपए का प्राइस बैंड तय किया है. यह पूरी तरह 585 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्यू है. यानी इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है. IPO खुलने से पहले कंपनी एंकर निवेशकों से 263.25 करोड़ रुपए जुटा चुकी है.

IPO का लॉट साइज 18 शेयर तय किया गया है. अपर प्राइस बैंड 808 रुपए के हिसाब से रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,544 रुपए का निवेश करना होगा. कंपनी ने QIBs के लिए 75%, NIIs के लिए 15% और रिटेल निवेशकों के लिए 10% हिस्सा आरक्षित रखा है.
1 जुलाई को हो सकती है शेयरों की लिस्टिंग
कंपनी के अनुसार शेयरों का अलॉटमेंट 29 जून को फाइनल होने की संभावना है. जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें 30 जून से रिफंड मिलना शुरू होगा. वहीं सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में इसी दिन शेयर क्रेडिट किए जाएंगे. कंपनी के शेयरों की BSE और NSE पर संभावित लिस्टिंग 1 जुलाई को होगी.
ग्रे मार्केट में ठंडा रिस्पॉन्स
IPO को ग्रे मार्केट में फिलहाल ज्यादा उत्साह नहीं मिल रहा है. कंपनी का GMP करीब 12 रुपए चल रहा है. इस आधार पर शेयर की संभावित लिस्टिंग 820 रुपए के आसपास मानी जा रही है, जो इश्यू प्राइस से केवल 1.49% अधिक है. पिछले छह सत्रों में GMP 10 रुपए से 24 रुपए के बीच रहा है, जिससे मजबूत लिस्टिंग गेन की उम्मीद कम दिखाई दे रही है.
एंकर निवेशकों से जुटाए 263 करोड़ रुपए
कंपनी ने 808 रुपए प्रति शेयर के भाव पर 32.58 लाख इक्विटी शेयर आठ एंकर निवेशकों को आवंटित किए हैं. इनमें बड़ौदा बीएनपी पारिबा म्यूचुअल फंड, क्युलिनन अपॉर्चुनिटीज फंड, जील ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड, M7 ग्लोबल फंड, नोवा ग्लोबल अपॉर्चुनिटीज फंड, स्टेलर ग्रोथ फंड, ASAS ग्लोबल फंड और मेबैंक सिक्योरिटीज शामिल हैं.
ब्रोकरेज की ‘न्यूट्रल’ रेटिंग
स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट ने इस IPO को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी ने कॉर्डेलिया क्रूजेस ब्रांड के जरिए भारत के उभरते क्रूज टूरिज्म बाजार में मजबूत पहचान बनाई है. कंपनी की ऑक्यूपेंसी और यात्री मांग में लगातार सुधार हुआ है, जिससे कंपनी अब मुनाफे में भी आ चुकी है.
किन जोखिमों का जिक्र किया गया?
ब्रोकरेज के मुताबिक ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ऑक्यूपेंसी लेवल में कमी और क्रूज ऑपरेशन में संभावित रुकावट जैसे जोखिम निवेशकों को ध्यान में रखने चाहिए. इसके अलावा हाल के समय में कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी गिरावट दर्ज की गई है.
वैल्युएशन को बताया महंगा
स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट का मानना है कि IPO की प्राइसिंग काफी आक्रामक है. कंपनी करीब 101 गुना अर्निंग्स वैल्युएशन पर बाजार में आ रही है, जिससे निवेशकों के लिए मार्जिन ऑफ सेफ्टी सीमित हो जाता है. ब्रोकरेज के अनुसार यह इश्यू लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए उपयुक्त हो सकता है, लेकिन लिस्टिंग गेन की उम्मीद रखने वालों के लिए आकर्षण कम है.
जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी IPO से मिलने वाले 585 करोड़ रुपए का उपयोग अपनी स्टेप-डाउन सब्सिडियरी ‘बेक्रूज शिपिंग एंड लीजिंग (IFSC) प्राइवेट लिमिटेड’ के लीज पेमेंट्स चुकाने में करेगी. इसके अलावा राशि का कुछ हिस्सा सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा.
देश की बड़ी क्रूज टूरिज्म कंपनी
यह कंपनी ‘कॉर्डेलिया क्रूजेस’ ब्रांड के तहत भारत की प्रमुख घरेलू ओशन क्रूज सेवा संचालित करती है. कंपनी देश के कई समुद्री रूट्स के साथ चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन्स पर भी लग्जरी क्रूज सेवाएं उपलब्ध कराती है.
GMP क्या होता है?
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) वह अतिरिक्त कीमत होती है, जिस पर IPO के शेयर अनौपचारिक बाजार में लिस्टिंग से पहले खरीदे-बेचे जाते हैं. GMP निवेशकों की शुरुआती धारणा का संकेत देता है, लेकिन यह शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं होता.

