सतीश सिंह, लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा ने राजनीतिक फायदे के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिकता और जातिगत विभाजन पैदा कर अर्थव्यवस्था पर चोट की है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने खेती-किसानी और उद्योग चौपट कर दिए हैं, हैंडीक्राफ्ट-एक्सपोर्ट बर्बाद कर दिया है, सरकारी नौकरियों में भर्ती नहीं हो रही, खेल को प्रोत्साहन नहीं मिल रहा और शिक्षा छीनी जा रही है.

अखिलेश यादव ने कहा कि कला के वैकल्पिक व्यवसायों पर 18 राउंड गोली मारी जा रही है तथा श्रमिक असंतोष को बढ़ाया गया, जिससे कारखाने बंद हो गए. उन्होंने किसानों पर अत्याचार, उनकी जमीन छीनने के प्रयास, जीएसटी के भ्रष्टाचार से छोटे व्यापारियों को मारने और खिलाड़ियों के अपमान का भी आरोप लगाया.

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अखिलेश यादव ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने, स्कूलों और जौहर यूनिवर्सिटी को बंद करने की साजिश तथा नारी को डराकर घर बैठाने की कोशिश का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दस्तकारी-हस्तशिल्प को जानबूझकर खत्म किया जा रहा है. अमेरिकी डील का सबसे ज्यादा नुकसान इसी क्षेत्र को हुआ है, जहां किसान प्रभावित हुए और टैरिफ बढ़ने से मुरादाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ समेत अन्य जगहों के कारखाने व हस्तशिल्प प्रभावित हुए.

अप्रत्याशित परिणाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आएंगे

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगियों के लिए 2027 के चुनाव में सबसे अप्रत्याशित परिणाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ही आएंगे. उन्होंने दावा किया कि पिछले 10-15 वर्षों से हो रहे उत्पीड़न, उपेक्षा और अत्याचार से क्षेत्र के किसान, मजदूर, हस्तकार, युवा, महिला, खिलाड़ी, कलाकार, दुकानदार, व्यापारी, एक्सपोर्टर और उद्योगपति अब जागरूक हो गए हैं और किसी के बहकावे में नहीं आएंगे. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वोटों का सौदा कोई नहीं कर पाएगा.