भोपाल। मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की सारी तैयारियां कर ली गई हैं। 10 अप्रैल से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में तो बाकी संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। उपार्जन से पहले बारदाने की उपलब्धता में आ रही कठिनाई का निराकरण कर लिया गया है।
भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50,000 जूट की गठाने का अतिरिक्त आवंटन जारी किया है। गेहूं उपार्जन के लिये HDP/PP बैग और एक भर्ती जूट के बारदाना का उपयोग करने की अनुमति भारत सरकार से राज्य को मिल गई है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये बारदानों की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं के लिए भारत सरकार से निरंतर समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग मिल रहा है।
प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए जरुरी बारदानों की व्यवस्था की जा रही है जो उपार्जन शुरू होने के पहले ही पूरी कर ली जाएगी। किसानों से गेहूं का उपार्जन निर्धारित समय सीमा में किया जाएगा। जिला विशेष में गेहूं उपार्जन के लक्ष्य अनुसार भण्डारण क्षमता उपलब्ध न होने पर गोदाम की भण्डारण क्षमता का 120 प्रतिशत भण्डारण का प्रावधान संयुक्त भागीदारी योजना में किया गया है।
भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत माह मार्च और अप्रैल, 2026 का एक साथ और मई और जून, 2026 का एक साथ खाद्यान्न का वितरण पात्र परिवारों को कराया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मे. टन से अधिक रिक्त भण्डारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी।
मध्यप्रदेश में देश की सबसे ज्यादा कवर्ड भण्डारण क्षमता लगभग 400 लाख मीट्रिक टन क्षमता उपलब्ध है जिसमें से वर्तमान में लगभग 103 लाख मे. टन भण्डारण क्षमता उपलब्ध है जो कि गेहूं के उपार्जन लक्ष्य से अधिक है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु 19.04 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, विगत वर्ष से 3.60 लाख अधिक पंजीयन हुआ है। गेहूं का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर है जो कि विगत वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है।
मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार के रूप में इस वर्ष किसानों को गेहूं के समर्थन मूल्य की राशि रू. 2585 प्रति क्विंटल दिए जाने के साथ साथ राशि रु. 40 प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस दे रही है। राजस्व विभाग द्वारा किसानों के पंजीकृत रकबे के सत्यापन का कार्य तीव्रगति से किया जा रहा है, इसके बाद किसानों की स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थिति के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है जो कि पिछले वर्ष से अधिक है।

