Lifestyle Desk – डायबिटीज केवल ब्लड शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई अंगों को धीरे-धीरे प्रभावित करती है. आमतौर पर लोग इसे दिल, किडनी और आंखों से जुड़ी समस्याओं तक सीमित मानते हैं, लेकिन इसका असर मुंह की सेहत पर भी गंभीर रूप से पड़ सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित रहने पर मसूड़ों में सूजन, संक्रमण और दांतों से खून आने जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं. कई मामलों में यह डायबिटीज का शुरुआती संकेत भी हो सकता है.

भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. देश में करोड़ों लोग हाई ब्लड शुगर या डायबिटीज से प्रभावित हैं और बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिन्हें अपनी बीमारी की जानकारी तक नहीं होती. ऐसे में ओरल हेल्थ पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.

डायबिटीज और मसूड़ों का क्या है संबंध?

जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर लगातार बढ़ा रहता है, तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है. कमजोर इम्यून सिस्टम मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया से प्रभावी ढंग से लड़ नहीं पाता. इसका परिणाम यह होता है कि मसूड़ों में सूजन, संक्रमण और खून आने जैसी समस्याएं विकसित होने लगती हैं.

इसके अलावा, हाई ब्लड शुगर की वजह से मुंह में लार बनने की मात्रा भी कम हो सकती है. इससे मुंह सूखने लगता है और बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं. यही बैक्टीरिया दांतों पर प्लाक बनाते हैं, जो आगे चलकर मसूड़ों की बीमारी का कारण बन सकता है.

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

यदि ब्रश करते समय या खाना खाते समय मसूड़ों से बार-बार खून आता है, मसूड़ों में सूजन रहती है, मुंह से लगातार बदबू आती है या दांत ढीले महसूस होने लगते हैं, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ये लक्षण मसूड़ों की बीमारी के साथ-साथ अनियंत्रित डायबिटीज की ओर भी इशारा कर सकते हैं.

कैसे करें बचाव?

डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही दिन में कम से कम दो बार सही तरीके से ब्रश करना, रोजाना फ्लॉस का इस्तेमाल करना और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है.

संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन करने से भी डायबिटीज नियंत्रित रखने में मदद मिलती है. वहीं, तंबाकू और धूम्रपान से दूरी बनाना मसूड़ों की बीमारियों के खतरे को कम कर सकता है.

कब लें डॉक्टर की सलाह?

अगर मसूड़ों से लगातार खून आ रहा है, सूजन कई दिनों तक बनी रहती है या दांतों में दर्द और ढीलापन महसूस हो रहा है, तो बिना देरी किए दंत चिकित्सक और फिजिशियन दोनों से सलाह लेनी चाहिए. समय पर जांच से न केवल मसूड़ों की बीमारी का इलाज संभव है, बल्कि डायबिटीज का समय रहते पता लगने और उसे नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है.