Dharm Desk – प्रथम पूज्य श्री गणेश को सिंदूर अर्पित करने की परंपरा अत्यंत महत्वपूर्ण है. बुधवार हो या चतुर्थी व्रत, भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए गणेश जी को दूर्वा, मोदक के साथ-साथ सिंदूर भी चढ़ाते हैं. सिंदूर को मंगल, शक्ति और सौभाग्य का प्रतीक माना गया. इसलिए पूजा-पाठ में सिंदूर का विशेष स्थान है. हनुमान जी अलावा गणेश जी को सिंदूर लगाते है. हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम को अतिप्रसन्न करने के लिए पूरे शरीर में सिंदूर लगा लिया था. जिसके बाद से भक्त हनुमान जी की कृपा प्राप्ति के लिए उनको सिंदूर चढ़ाने लगे. गणेश जी को सिंदूर क्यों प्रिय है, इसके बारे में भी कथाएं हैं.

मान्यता है कि गणपति को सिंदूर अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से रक्षा होती है, जीवन की बाधाएं दूर होती है. गणेश पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, बाल्यावस्था में गणेश जी ने ‘सिंदूर’ नामक एक असुर का वध किया था. उस दैत्य के संहार के बाद उन्होंने उसके रक्त को अपने शरीर पर लगा लिया. जिससे उनका स्वरूप सिंदूर के समान लाल हो गया था. तभी से वे ‘सिंदूरवदन’ और ‘सिंदूरप्रिय’ कहलाने लगे. भक्त उन्हें सिंदूर अर्पित करने लगे. इसके अलावा शिवपुराण में भी सिंदूर लेपन का उल्लेख मिलता है.
कथा बताती है कि जब भगवान शिव ने गणेश जी का सिर काटकर उन्हें हाथी का मुख प्रदान किया, तब उनके मुख पर पहले से ही सिंदूर का लेपन था. जब माता पार्वती ने यह देखा तो उन्होंने कहा कि जिस सिंदूर से उनके पुत्र का मुख सुशोभित है. उसी से मनुष्य सदा उनकी पूजा करेंगे. तभी से गणेश जी को सिंदूर अर्पित करने की परंपरा प्रचलित हुई. गणपति को सिन्दूर चढ़ाने से व्यक्ति को किसी की बुरी नजर नहीं लगती. इसके अलावा उसे परेशानियों से भी मुक्ति मिलती है. कहा जाता है कि बुधवार के दिन यदि गणेश जी को सिन्दूर चढ़ाया जाए तो वह जल्दी ही प्रसन्न होते हैं.
गणेश जी को सिंदूर चढ़ाने के फायदे
बप्पा को सिंदूर चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इससे इंसान को मन की शांति और घर में समृद्धि बनी रहती है. जो लोग शादी को लेकर परेशान होते हैं, उनकी शादी जल्दी होने की मनोकामना भी पूरी होती है. जिन दंपती को संतान नही होती है उन्हें बुद्धिमान और स्वस्थ बच्चे का आशीर्वाद मिलता है. अगर कोई जरूरी काम से बाहर जा रहा हो, तो पहले गणेश जी को सिंदूर चढ़ाना अच्छा ओर शुभ होता है. इससे अच्छे समाचार मिलने की संभावना बढ़ जाती है. इंटरव्यू या परीक्षा देने जाते समय भी ये करना शुभ माना गया है.
गणेश जी को सिंदूर कैसे अर्पित करें?
गणेश जी को सिंदूर अर्पित करने के लिए पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनने चाहिए. फिर उत्तर या ईशान दिशा की तरफ मुख करके पूजा करनी चाहिए. गणेश जी की मूर्ति पर हल्का जल चढ़एं. इसके बाद सिंदूर लेपन करें. उसके बाद घी का दीपक जलाएं और लाल फूल या दूर्वा चढ़ाएं. अगरबत्ती जलाकर मंत्र का जाप करें. वही सिंदूर खुद के माथे पर भी लगाएं. अंत में मोदक या फल चढ़ाकर पूजा पूरी करें.
गणेश जी का मंत्र
सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्.
शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्…
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

