Technology Desk : देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। बाजार में ऐसी चर्चा है कि Reliance Jio और Airtel आने वाले 3 से 4 महीनों में मोबाइल टैरिफ की कीमतें बढ़ा सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में टैरिफ में करीब 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, अभी तक Jio या Airtel ने कीमत बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

सस्ते प्लान कम होने से बढ़ रहा खर्च

मोबाइल रिचार्ज पहले ही कई लोगों के मासिक बजट का बड़ा हिस्सा बन चुका है। जुलाई 2024 में टेलीकॉम कंपनियों ने अपने टैरिफ में बड़ी बढ़ोतरी की थी। इसके बाद से कंपनियों ने कोई वैसी बड़ी आधिकारिक बढ़ोतरी नहीं की है, लेकिन ग्राहकों को सस्ते विकल्प लगातार कम मिल रहे हैं।

Airtel ने हाल ही में कुछ कम कीमत वाले प्रीपेड प्लान्स को बंद किया है। इसके कारण कई यूजर्स को अब पहले की तुलना में महंगे प्लान चुनने पड़ रहे हैं। यानी बिना सीधे टैरिफ बढ़ाए भी ग्राहकों का मोबाइल खर्च बढ़ रहा है।

3 से 4 महीने में बढ़ सकते हैं दाम

मार्केट फोरकास्ट के मुताबिक, अगर टेलीकॉम कंपनियां फिर से टैरिफ बढ़ाती हैं तो यह बढ़ोतरी 12 से 15 प्रतिशत के आसपास हो सकती है।

उदाहरण के तौर पर, अगर कोई प्लान अभी 500 रुपये का है, तो 12 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत करीब 560 रुपये हो सकती है। वहीं, 15 प्रतिशत बढ़ोतरी होने पर यही प्लान करीब 575 रुपये का हो सकता है।

इसका असर प्रीपेड के साथ-साथ पोस्टपेड ग्राहकों पर भी पड़ सकता है।

आखिर कंपनियां क्यों बढ़ा सकती हैं कीमत?

टेलीकॉम कंपनियों के टैरिफ बढ़ाने के पीछे कई वजहें बताई जाती हैं। इनमें प्रमुख हैं:

5G नेटवर्क के विस्तार पर होने वाला खर्च
नए नेटवर्क और तकनीक में निवेश
स्पेक्ट्रम की लागत
नेटवर्क को बेहतर बनाने का खर्च
प्रति ग्राहक औसत कमाई यानी ARPU बढ़ाने की जरूरत
कंपनियां लगातार अपने नेटवर्क को मजबूत करने और नई तकनीक में निवेश कर रही हैं। ऐसे में उनकी कोशिश ज्यादा कमाई करने की भी रहती है।

Jio और Airtel के मुनाफे पर भी सवाल

रिचार्ज महंगे होने की चर्चा के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब बड़ी टेलीकॉम कंपनियां अच्छा मुनाफा कमा रही हैं, तो टैरिफ बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ रही है। Jio और Airtel दोनों ही भारतीय टेलीकॉम बाजार की प्रमुख कंपनियां हैं और इनके ग्राहकों की संख्या काफी बड़ी है। इसलिए इनके टैरिफ में छोटी बढ़ोतरी का भी करोड़ों ग्राहकों के मासिक खर्च पर सीधा असर पड़ सकता है।

ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?

अगर 12 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, तो सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो हर महीने या हर तीन महीने में रिचार्ज कराते हैं।

कम बजट वाले ग्राहकों को या तो ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे या फिर कम डेटा और कम सुविधाओं वाले प्लान चुनने पड़ सकते हैं। लंबी अवधि वाले रिचार्ज प्लान भी महंगे हो सकते हैं।

टेलीकॉम बाजार में दो बड़ी कंपनियों का दबदबा

भारत के टेलीकॉम सेक्टर में Jio और Airtel का दबदबा काफी मजबूत है। Vodafone Idea और BSNL जैसे अन्य ऑपरेटर भी बाजार में मौजूद हैं, लेकिन निजी टेलीकॉम बाजार में Jio और Airtel की मजबूत स्थिति के कारण सेक्टर में डुओपॉली की चर्चा होती रहती है।

डुओपॉली का मतलब ऐसी स्थिति से है, जहां किसी बाजार में मुख्य रूप से दो बड़ी कंपनियों का दबदबा हो। ऐसे में अगर दोनों कंपनियां अपने टैरिफ बढ़ाती हैं, तो ग्राहकों के पास सीमित विकल्प रह जाते हैं।

अभी बढ़ोतरी पक्की नहीं

हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि 12 से 15 प्रतिशत टैरिफ बढ़ोतरी फिलहाल सिर्फ बाजार का अनुमान है। Jio और Airtel ने अभी तक ऐसी किसी बढ़ोतरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

इसलिए ग्राहकों को फिलहाल कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए। अगर टैरिफ बढ़ता है, तभी यह साफ होगा कि कौन से प्लान कितने महंगे होंगे और ग्राहकों पर वास्तविक असर कितना पड़ेगा।