आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुका है। पहले जहां यह बीमारी बढ़ती उम्र के लोगों में ज्यादा देखने को मिलती थी, वहीं अब युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। खराब लाइफस्टाइल, तनाव और अनियमित दिनचर्या इसके बड़े कारण बन रहे हैं। इसी बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 मई को World Hypertension Day 2026 मनाया जाता है। यानी आज ही है वर्ल्ड हायपरटेंशन डे ।

हाई बीपी को “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजर नहीं आते। लंबे समय तक ब्लड प्रेशर बढ़ा रहने पर हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी रोग और आंखों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। आमतौर पर लोग मानते हैं कि ज्यादा नमक खाने से ही बीपी बढ़ता है, लेकिन इसके पीछे कई और कारण भी जिम्मेदार होते हैं।आइए इसके नारे में विस्तार से जानते हैं।

तनाव और खराब नींद भी बड़ा कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार तनाव में रहना शरीर में हार्मोनल बदलाव पैदा करता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। काम का दबाव, आर्थिक चिंता और निजी जीवन की परेशानियां मानसिक तनाव को बढ़ाती हैं। इसके अलावा, कम नींद लेना या देर रात तक जागना भी हाई बीपी के खतरे को बढ़ा सकता है। रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

शारीरिक गतिविधि की कमी

आजकल ज्यादातर लोग घंटों बैठकर काम करते हैं। फिजिकल एक्टिविटी कम होने से मोटापा बढ़ता है और ब्लड प्रेशर भी प्रभावित होता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक, योग या हल्का व्यायाम करने से बीपी को कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है।

प्रोसेस्ड फूड और बढ़ता वजन

सिर्फ नमक ही नहीं, बल्कि जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा चीनी वाली चीजें भी हाई बीपी का कारण बन सकती हैं। पैकेट वाले स्नैक्स, फास्ट फूड और कोल्ड ड्रिंक्स में सोडियम और अनहेल्दी फैट अधिक मात्रा में होता है, जो दिल की सेहत को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा, बढ़ता वजन भी ब्लड प्रेशर बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।

धूम्रपान और शराब का असर

स्मोकिंग और शराब का सेवन ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है, जिससे ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है। लगातार इनका सेवन करने से हार्ट डिजीज का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्वस्थ जीवन के लिए इन आदतों से दूरी बनाना जरूरी है।

नियमित जांच है जरूरी

कई बार हाई बीपी का पता तब चलता है, जब शरीर में गंभीर समस्या शुरू हो चुकी होती है। इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करवाना बेहद जरूरी है। अगर परिवार में किसी को बीपी की समस्या रही हो, तो सतर्कता और भी जरूरी हो जाती है। स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम, तनाव से दूरी और अच्छी नींद जैसी छोटी-छोटी आदतें हाई बीपी के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं। जागरूकता और सही लाइफस्टाइल अपनाकर इस “साइलेंट किलर” से बचाव संभव है।

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