परवेज खान, यमुनानगर। यमुनानगर के छछरौली क्षेत्र के नगली गांव में वन विभाग की ओर से चार वर्ष पहले कब्रिस्तान की करीब तीन एकड़ भूमि पर लगाए गए लगभग 1500 फलदार पौधों में से बड़ी संख्या में पौधे सूख गए हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समय पर सिंचाई और उचित रखरखाव नहीं होने के कारण लाखों रुपये की सरकारी योजना विफल होती नजर आ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार पौधों को हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से लगाया गया था, लेकिन पिछले तीन वर्षों से उनकी नियमित देखभाल नहीं की गई। कई बार वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी जानकारी भी दी गई, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने विभाग के चौकीदार और कुछ कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप भी लगाए हैं।

वहीं छछरौली वन विभाग के रेंजर बलजीत सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस वर्ष अत्यधिक गर्मी और पथरीली जमीन के कारण पौधों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से नियमित रूप से पौधों की सिंचाई की जा रही है और दो दिन पहले भी उन्हें पर्याप्त पानी दिया गया था। विभाग पौधों को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

हालांकि बड़ी संख्या में पौधों के सूखने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना होगा कि पौधों के सूखने के वास्तविक कारणों की जांच होती है या नहीं और यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
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