यमुनानगर जिला जेल में बंद एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने से सिविल अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि वह 7 जुलाई से लापता था और जेल प्रशासन ने गिरफ्तारी की कोई जानकारी नहीं दी थी।

यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर जिला जेल में बंद 26 वर्षीय राहुल सैनी की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। मृतक के परिजनों ने पुलिस और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें राहुल की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि वे 7 जुलाई से राहुल की तलाश कर रहे थे, लेकिन पुलिस या जेल प्रशासन की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। अब मौत के कारणों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं और सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

जानकारी के अनुसार, यमुनानगर के गांव ईशरपुर निवासी 26 वर्षीय राहुल सैनी एक कबाड़ी के पास ड्राइवर का काम करता था। परिजनों के मुताबिक वह 7 जुलाई से लापता था और परिवार लगातार उसकी तलाश में जुटा हुआ था। शुक्रवार सुबह पुलिस ने उन्हें राहुल की मौत की सूचना दी, जिसके बाद परिवार के लोग सिविल अस्पताल पहुंचे।

बताया गया कि राहुल की तबीयत जिला जेल में अचानक बिगड़ गई थी। पेट दर्द की शिकायत होने पर उसे पहले डॉक्टर को दिखाया गया और हालत गंभीर होने पर सिविल अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि राहुल की मौत जेल में हुई है और पूरे मामले को छिपाने की कोशिश की जा रही है। परिजनों का कहना है कि यदि राहुल जेल में बंद था तो उन्हें इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई। उनका यह भी दावा है कि जेल प्रशासन की ओर से उन्हें कोई फोन नहीं किया गया।

वहीं, जेल प्रशासन का कहना है कि राहुल के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की गई थी, लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बंद मिला। हालांकि परिजनों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी नंबर से कोई कॉल प्राप्त नहीं हुई।

पुलिस के अनुसार, राहुल को 19 जून को जिला जेल के पास एक ढाबे पर हुई मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया था। प्रारंभिक जांच में उसके पीलिया से पीड़ित होने की बात भी सामने आई है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच जारी है और अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।

उधर, इस पूरे मामले में जेल अधीक्षक का पक्ष जानने के लिए मीडिया ने संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। यदि जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है तो उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।