सतीश सिंह, लखनऊ. दिल्ली में विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद में जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र केवल सवाल पूछने की स्वतंत्रता नहीं देता, बल्कि जवाब सुनने की जिम्मेदारी भी तय करता है. उन्होंने विपक्ष से तथ्यों के आधार पर चर्चा करने और सरकार का पक्ष सुनने की अपील की.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विद्यार्थियों से जुड़े विषय पर संसद में अपना पक्ष रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन जब सरकार जवाब देने के लिए तैयार हो तो उसे सुनना भी चाहिए.
इसे भी पढ़ें- शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए गुड न्यूज! अर्हता विवाद पर लखनऊ में मंथन, जानें क्या जल्द आएगा नया विज्ञापन?
संसद बहस और संवाद का मंच: योगी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में संसद चर्चा और संवाद का सबसे बड़ा मंच है. यहां किसी भी मुद्दे पर तथ्यात्मक और सार्थक बहस होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि स्वस्थ बहस से लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा बढ़ती है, जबकि बहस से बचना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है. मुख्यमंत्री ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि सदन में उठाए गए सवालों का जवाब सुनना भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को भी सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए.
अमित शाह के जवाब को लेकर गरमाई सियासत
विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए संसद में जवाब की मांग की है. विपक्ष की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में विस्तृत जवाब देने की मांग की जा रही है. वहीं भाजपा का कहना है कि सरकार सदन में हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है. इसी राजनीतिक माहौल के बीच योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है.
‘बहस से प्रतिष्ठा बढ़ती है, भागने से नहीं’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और बहस की अहम भूमिका होती है. उन्होंने कहा कि संसद में होने वाली चर्चा देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करती है. उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन जवाब सुनकर तथ्यों के आधार पर आगे की चर्चा करनी चाहिए. उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में बहस से संस्थाओं की प्रतिष्ठा बढ़ती है, जबकि चर्चा से दूर जाना उचित नहीं है.
इसे भी पढ़ें- ‘जंतर-मंतर विवाद के पीछे बड़ी साजिश थी’ ब्रज भूषण शरण सिंह ने हुड्डा परिवार पर लगाए गंभीर आरोप
विपक्ष और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच लगातार राजनीतिक बयानबाजी जारी है. विपक्ष सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगा रहा है, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार संसद में हर विषय पर जवाब देने के लिए तैयार है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को इसी सियासी टकराव के बीच विपक्ष के लिए संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने विपक्ष से संसद की मर्यादा बनाए रखते हुए मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा करने की अपील की है.


