Dharm Desk – हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का सबसे श्रेष्ठ दिन कहा है. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली योगिनी एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियम पूर्वक व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है. जीवन में सुख-शांति बनी रहती है.

कब है योगिनी एकादशी
पंचांग के अनुसार, योगिनी एकादशी 10 जुलाई, को मनाई जाएगी. एकादशी तिथि की शुरुआत 10 जुलाई को सुबह 8:16 बजे से होगी, समापन 11 जुलाई को सुबह 5:23 बजे होगा. गृहस्थ लोगों के लिए 10 जुलाई को व्रत रखना शुभ है, जबकि वैष्णव संप्रदाय के लोग 11 जुलाई को व्रत कर सकते है.
व्रत का धार्मिक महत्व
योगिनी एकादशी को अत्यंत पुण्य देने वाली माना गया है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सकारात्मकता आती है. एकादशी व्रत कई जन्मों के पापों भी समाप्त हो जाते हैं.
तुलसी से जुड़ी ये गलती न करें
एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. मान्यता है कि तुलसी माता स्वयं इस दिन व्रत करती हैं. ऐसे में इस दिन तुलसी तोड़ना या पौधे में जल चढ़ाना वर्जित है.
खान-पान में रखें विशेष सावधानी
इस दिन तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए. चावल खाने से भी बचना चाहिए. व्रत के दौरान सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग करें या फलाहार करें. निर्जला व्रत को सबसे श्रेष्ठ माना गया है.
नमक को लेकर जरूरी नियम
एकादशी व्रत में साधारण नमक का सेवन नहीं किया जाता है. यदि आवश्यक हो तो केवल सेंधा नमक का ही प्रयोग करना चाहिए, अन्यथा व्रत खंडित हो सकता है.
व्यवहार में रखें संयम
व्रत के दिन क्रोध, विवाद और अपशब्दों से दूर रहना चाहिए. किसी की निंदा या झगड़ा करने से व्रत का पुण्य कम हो जाता है. इस दिन मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहने का विशेष महत्व है.
ब्रह्मचर्य का पालन जरूरी
शास्त्रों के अनुसार एकादशी का व्रत पवित्रता का प्रतीक है. इसलिए इस दिन दांपत्य संबंध बनाने से बचना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
एकादशी की पूजा विधि
व्रत के दिन सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें. भगवान विष्णु को पीले फूल, चंदन, केसर, फल और तुलसी दल अर्पित करे. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ और आरती करना अत्यंत शुभ माना जाता है.
दान से मिलेगा कई गुना पुण्य लाभ
योगिनी एकादशी पर दान का विशेष महत्व है. इस दिन पीले वस्त्र, चने की दाल, गुड़, फल या जल से भरा घड़ा जरूरतमंदों को दान करने से पुण्यफल कई गुना बढ़ जाता है. साथ ही तुलसी की माला से भगवान विष्णु के मंत्र का जप करना अत्यंत देता है.

