Dharm Desk – देवताओं के गुरु बृहस्पति को सबसे शुभ और प्रभावशाली ग्रहों में गिना जाता है. यह ग्रह ज्ञान, शिक्षा, संतान, विवाह, भाग्य और करियर का कारक है. जिस व्यक्ति की कुंडली में गुरु मजबूत होता है. उसे जीवन में सफलता, सम्मान और धन की कभी कमी नहीं रहती, लेकिन जब यही गुरु ग्रह कमजोर हो जाता है, तो जीवन में परेशानियों का दौर शुरू होने लगता है. एक खास अवसर साल में सिर्फ एक बार आता है. गुरु पूर्णिमा, जब आप अपने गुरु और बृहस्पति ग्रह को मजबूत कर सकते हैं. साल 2026 में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को मनाई जाएगी. यह दिन आपके भाग्य को बदलने का सुहनरा मौका लेकर आता है.

कुंडली का कमजोर गुरु ये 5 संके देते हैं

  1. यदि आपकी शिक्षा में बार-बार रुकावट आ रही है या मन चाहा परिणाम नहीं मिल रहा, तो यह कमजोर गुरु का संकेत हो सकता है.
  2. इसके अलावा लीवर संबंधी समस्याएं, पीलिया, मोटापा या थायराइड जैसी दिक्कतें भी गुरु के अशुभ प्रभाव को दर्शाती हैं.
  3. निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है और सही-गलत में फर्क करना मुश्किल हो जाता है.
  4. धीरे-धीरे व्यक्ति धार्मिक कार्यों से दूर होने लगता है, पूजा-पाठ में मन नहीं लगता और अहंकार बढ़ने लगता है.
  5. बाल झड़ना, गले और फेफड़ों की समस्या भी इसके संकेत माने जाते हैं.

गुरु पूर्णिमा पर करें ये उपाय

गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु को प्रसन्न करने के लिए सबसे उत्तम समय आता है. इस दिन सुबह स्नान करके अपने गुरु का ध्यान करें. यदि संभव हो तो उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें. अगर गुरु दूर हों, तो फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से भी सम्मान व्यक्त करें.

पीले वस्त्र पहनना, पीली वस्तुओं जैसे चना दाल, हल्दी, केले का दान करना बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन ओम बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का जाप करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है. इसके अलावा गरीबों को भोजन कराना, ब्राह्मणों को दान देना और धार्मिक कार्यों में भाग लेना भी विशेष फलदायी होता है.

क्यों खास है यह दिन?

गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्म सुधार और भाग्य परिवर्तन का अवसर है. साल में एक बार आने वाला यह दिन आपको अपने गुरु के प्रति आभार जताने और जीवन को सही दिशा देने का मौका देता है.