Lalluram lifestyle Desk. कान या नाक छिदवाना आजकल फैशन और स्टाइल का हिस्सा बन गया है। कई लोग खास मौकों पर कान-नाक छिदवाते हैं, तो कुछ लोग बच्चों के कान कम उम्र में ही छिदवा देते हैं। पियर्सिंग भले ही देखने में छोटी सी प्रक्रिया लगती हो, लेकिन इसके बाद त्वचा पर एक छोटा घाव बनता है। इसे पूरी तरह ठीक होने में समय लगता है और इस दौरान सही देखभाल न की जाए तो दर्द, लालिमा, सूजन या संक्रमण जैसी समस्या हो सकती है।

नई पियर्सिंग वाली जगह को साफ रखने के साथ-साथ उसे बार-बार छूने और उस पर तरह-तरह के घरेलू नुस्खे लगाने से भी बचना जरूरी है। अगर आपने हाल ही में कान या नाक छिदवाए हैं या छिदवाने की सोच रहे हैं, तो इन 5 बातों का ध्यान रखें।

पियर्सिंग वाली जगह को साफ रखें

नई पियर्सिंग की सबसे जरूरी देखभाल है उसकी सफाई। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि दिन में बार-बार उसे रगड़कर साफ किया जाए। जरूरत से ज्यादा सफाई करने पर त्वचा में जलन और सूखापन हो सकता है, जिससे घाव भरने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

पियर्सिंग वाली जगह को साफ रखने के लिए सामान्य तौर पर सलाइन यानी नमक वाले घोल का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बहुत ज्यादा नमक वाला घरेलू घोल बनाने से बचें, क्योंकि इससे त्वचा में जलन हो सकती है। इसके अलावा परफ्यूम, खुशबू वाले लोशन या दूसरे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स को सीधे पियर्सिंग पर लगाने से बचना बेहतर है।

ज्वेलरी को बार-बार छूने या घुमाने से बचें

कान छिदवाने के बाद अक्सर लोगों को सलाह दी जाती है कि बाली को बार-बार घुमाते रहें, ताकि छेद बंद न हो। लेकिन नई पियर्सिंग को बार-बार हिलाने या घुमाने से त्वचा में अनावश्यक घर्षण हो सकता है।इससे जलन बढ़ सकती है और घाव भरने में ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए स्टड, हूप या नोज पिन को बार-बार छूने से बचें। पियर्सिंग वाली जगह पर अगर हल्की पपड़ी बन गई है तो उसे नाखून से खुरचकर हटाने की कोशिश भी न करें।

घरेलू नुस्खे सीधे न लगाएं

नई पियर्सिंग पर हल्दी, नीम, नारियल तेल, एसेंशियल ऑयल, नींबू का रस, एप्पल साइडर विनेगर, लहसुन या किसी अन्य हर्बल मिश्रण को लगाने से बचना चाहिए।

नई पियर्सिंग वाली त्वचा संवेदनशील होती है। ऐसे पदार्थ जलन या एलर्जी पैदा कर सकते हैं और अगर हाथ या सामग्री साफ न हो तो संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को आजमाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

पियर्सिंग को अनावश्यक दबाव से बचाएं

नई पियर्सिंग वाली जगह पर लगातार दबाव पड़ने से भी परेशानी बढ़ सकती है। कान की पियर्सिंग के बाद कोशिश करें कि सोते समय उसी तरफ लगातार दबाव न पड़े। फोन, हेडफोन या हेलमेट जैसी चीजें भी पियर्सिंग वाली जगह से रगड़ खा सकती हैं, इसलिए सावधानी रखें।

बालों में कंघी करते समय भी ध्यान रखें कि कंघी या बालों का गुच्छा ज्वेलरी में न उलझे। कपड़े बदलते समय भी जल्दबाजी न करें।

संक्रमण के संकेतों को नजरअंदाज न करें

नई पियर्सिंग के बाद थोड़ी लालिमा, हल्की सूजन या शुरुआती दिनों में दर्द होना हो सकता है। लेकिन अगर दर्द या सूजन लगातार बढ़ रही हो, पियर्सिंग वाली जगह बहुत गर्म महसूस हो, ज्यादा लालिमा फैल रही हो या वहां से पस जैसा स्राव निकल रहा हो, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें।

ऐसे लक्षण संक्रमण की ओर इशारा कर सकते हैं। इस स्थिति में खुद से कोई दवा या घरेलू नुस्खा लगाने के बजाय डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

ध्यान रखें

नई पियर्सिंग को ठीक होने में समय लगता है। इसलिए जल्दबाजी में ज्वेलरी बदलना, बार-बार छूना, घुमाना या अलग-अलग घरेलू चीजें लगाना नुकसान पहुंचा सकता है। साफ-सफाई, कम छेड़छाड़ और सही देखभाल ही पियर्सिंग की रिकवरी के दौरान सबसे जरूरी बातें हैं।

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