कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने गुरुवार देर शाम दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर हरियाणा के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ बैठक की। बैठक में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा समेत प्रदेश के सांसद और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि हरियाणा में जल जीवन मिशन 2.0 का और बेहतर तरीके से क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। लोगों को साफ और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 से जुड़ी हरियाणा की योजनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत देशभर में 16 करोड़ घरों तक पानी पहुंचाया गया है। अब राज्यों के सांसदों के साथ संवाद शुरू किया जा रहा है, ताकि योजनाओं को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में उन्होंने हर सांसद से उनके लोकसभा क्षेत्र और प्रदेश से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली और समाधान का आश्वासन दिया।
सांसद अपने क्षेत्रों में जांचें काम की गुणवत्ता
सीआर पाटिल ने सांसदों से कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न परियोजनाओं के लिए फंड जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि योजनाओं का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो।
उन्होंने सांसदों से अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने को कहा। यदि कहीं घटिया या मानकों के विपरीत काम हो रहा है तो इसकी शिकायत सीधे की जा सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बारिश का पानी बर्बाद होने से बचाएं
केंद्रीय मंत्री ने वर्षा जल संचयन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में पानी बहकर बर्बाद हो जाता है। इसे रोककर भविष्य में इस्तेमाल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जहां बारिश का पानी जमा होता है, वहां बोरवेल बनाकर वाटर रिचार्ज किया जा सकता है। इससे कम खर्च में भूजल स्तर को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
डार्क जोन में बनें 100 बड़ी झीलें: मनोहर लाल
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा के डार्क जोन क्षेत्रों में 100 बड़ी झीलें बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे बारिश के पानी का संचय होने के साथ-साथ भूजल का रिचार्ज भी होगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई पंचायतों के पास पंचायती जमीन उपलब्ध है। ऐसी जगहों पर झीलों का निर्माण कर वर्षा जल का संरक्षण किया जा सकता है।
मनोहर लाल ने कहा कि पेयजल आपूर्ति एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इसलिए पुराने जल आपूर्ति ढांचे को भी निर्धारित समय सीमा और रोटेशन के आधार पर बदलते रहना चाहिए, ताकि लोगों को निर्बाध पानी की सप्लाई मिलती रहे।
हरियाणा में 6,186 जल जीवन मिशन योजनाएं पूरी: रणबीर गंगवा
हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है। इसके परिणामस्वरूप आज हर घर तक नल से जल पहुंच रहा है और महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाने की परेशानी से राहत मिली है।
उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत हरियाणा में 6,557 योजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल अनुमानित लागत 4,786 करोड़ रुपये है। इनमें से 6,186 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि कुछ पर अभी काम चल रहा है।
गंगवा ने कहा कि प्रदेश में जल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था की गई है और पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए जल परीक्षण प्रयोगशालाएं भी स्थापित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि हरियाणा के कुछ जिलों में भूजल स्तर ऊपर आने से पुराने वाटर टैंक क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने इनके पुनर्निर्माण के लिए केंद्र से मदद की मांग की। साथ ही, ढाणियों में रहने वाले 10 से 20 परिवारों तक भी नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और हरियाणा की परिस्थितियों के अनुरूप अनुदान देने का आग्रह किया।
बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, सांसद धर्मबीर सिंह, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, जयप्रकाश, नवीन जिंदल, सत्यपाल ब्रह्मचारी, वरुण चौधरी, संजय भाटिया, सुभाष बराला, रेखा शर्मा, कार्तिकेय शर्मा और कर्मबीर सिंह बौद्ध समेत जल शक्ति मंत्रालय और हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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