प्रदीप मालवीय, उज्जैन। “सिंहस्थ 2028” में देशभर से उज्जैन आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के दबाव को संभालने के लिए रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी है। सिंहस्थ के दौरान रेलवे 125 स्पेशल ट्रेनों का संचालन करेगा। यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए स्टेशनों पर एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ट्रेनों के संचालन के लिए स्टेबलिंग लाइन और पानी की व्यवस्था भी की जा रही है।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार रविवार को उज्जैन पहुंचे और सिंहस्थ की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने उज्जैन स्टेशन के साथ विक्रम नगर, चिंतामण, पंवासा, नईखेड़ी और मोहनपुरा सहित विभिन्न स्टेशनों और रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

उज्जैन स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद सभी आठ प्लेटफार्म से लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। स्टेशन पर दो फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का काम चल रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ब्रिज से जुड़े सभी कार्य अक्टूबर-नवंबर 2027 तक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।

सिंहस्थ के दौरान स्टेशन पर अचानक बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए माधवनगर की ओर 15 से 20 हजार यात्रियों की क्षमता वाला होल्डिंग एरिया तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा स्टेशन के अन्य हिस्सों में भी यात्रियों को रोकने और व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालने के लिए होल्डिंग एरिया विकसित किए जा रहे हैं। स्टेशन के दोनों ओर जी प्लस फाइव भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है।

रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने विक्रमनगर स्टेशन का भी निरीक्षण किया। यहां विकास कार्य काफी हद तक पूरे हो चुके हैं। स्टेशन पर एफओबी का काम किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान उज्जैन स्टेशन के साथ आसपास के स्टेशनों को भी यात्री दबाव कम करने के लिए उपयोग में लाने की योजना है।

सिंहस्थ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रेलवे स्टेशनों पर एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के माध्यम से भीड़ की निगरानी के साथ संदिग्ध गतिविधियों और असामान्य परिस्थितियों पर भी नजर रखी जाएगी।

चेयरमैन सतीश कुमार ने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियों के लिए रेलवे के पास अब करीब 11 से 12 माह का समय है। जो काम जल्द पूरे किए जा सकते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। जून 2025 के बाद रेलवे ने जो प्लान तैयार किया था, टीम ने उस दिशा में काम पूरा किया है। स्थानीय प्रशासन से भी रेलवे को पूरा सहयोग मिल रहा है। उनका प्रयास है कि अगले आठ से नौ माह में अधिकांश काम पूरे कर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार कर दी जाए।

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