नई दिल्ली: परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक मामले के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल मंगलवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गई। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijit Deepke) ने केंद्र सरकार (central government) की चुप्पी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में दीपके ने कहा कि जिस व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों को न्याय दिलाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी, उसे सरकार की ओर से केवल चुप्पी मिली है।
अभिजीत दीपके बोले- ‘सिर्फ खामोशी ही मिली’, आलोचकों को भी दिया जवाब
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार के साथ-साथ आंदोलन की आलोचना करने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन के बावजूद सरकार की ओर से “सिर्फ खामोशी ही मिली”। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में दीपके ने कहा कि लोगों को यह सवाल उठाने के बजाय कि विपक्षी नेता CJP के समर्थन में आगे क्यों नहीं आए, उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए जिनके लिए आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहस का केंद्र आंदोलन के मूल मुद्दे परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियां और NEET पेपर लीक होना चाहिए, न कि यह कि कौन सा राजनीतिक दल आंदोलन का समर्थन कर रहा है।
सरकार की चुप्पी पर अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि लोगों को आंदोलन से जुड़े गौण सवालों के बजाय उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, जो उनके अनुसार वास्तव में महत्वपूर्ण हैं। दीपके ने लिखा कि यह पूछने के बजाय कि विपक्षी नेताओं ने CJP का समर्थन क्यों नहीं किया या पार्टी का हर सदस्य सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल पर क्यों नहीं बैठा, ऐसे सवाल पूछे जाने चाहिए जो सीधे सरकार की जवाबदेही से जुड़े हों। इसी क्रम में उन्होंने केंद्र सरकार से कई सवाल उठाए।
प्रधानमंत्री आंदोलनकारियों से बातचीत करने से क्यों इनकार कर रहे हैं?
NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री से अब तक जवाबदेही क्यों नहीं तय की गई?
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर सरकार अब तक चुप क्यों है?
दीपके ने आगे लिखा कि जिस व्यक्ति ने उनके अनुसार छात्रों को न्याय दिलाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी, उसे सरकार की ओर से “सिर्फ खामोशी” मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न केवल जवाबदेही से बच रही है, बल्कि उसका रवैया “क्रूर” भी है।
जवाबदेही से जुड़े सवालों पर हो चर्चा
नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। इस बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि इस समय चर्चा उन सवालों पर होनी चाहिए, जिनके जवाब सरकार से मांगे जाने चाहिए, न कि ऐसे मुद्दों पर जो उनके अनुसार सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेही से बचाने में मदद करते हों। दीपके ने कहा कि आंदोलन का मूल उद्देश्य NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर जवाबदेही तय कराना है और इसी पर सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब कई विपक्षी नेताओं ने सोनम वांगचुक से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और अन्य सार्वजनिक हस्तियों ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए उनसे अनशन खत्म करने का आग्रह किया है। साथ ही, इन नेताओं ने NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ उठाए जा रहे मुद्दों के प्रति अपना समर्थन भी दोहराया है।
अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल भी जता चुके हैं समर्थन
सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर कई विपक्षी नेताओं ने अपना समर्थन जताया है और उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फोन पर सोनम वांगचुक से बातचीत कर उनकी सेहत की जानकारी ली। उन्होंने वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन उपवास समाप्त करने का आग्रह करते हुए कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार को अपनी बात मनवाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना बहुत बड़ी बात है। अखिलेश यादव ने इस आंदोलन के प्रति अपनी पार्टी का समर्थन भी दोहराया और वांगचुक के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की।
इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन जता चुके हैं। उन्होंने भी उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की थी। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सार्वजनिक रूप से वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का अनुरोध किया है।
20 जुलाई को संसद मार्च करेगी CJP
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सोनम वांगचुक से अनिश्चितकालीन उपवास समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने वांगचुक के आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की बात कही। सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में शामिल हैं और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
इस बीच CJP ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि इस मार्च के माध्यम से वह NEET पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर अपनी मांगों को और मजबूती से उठाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, आयोजकों का दावा है कि 28 जून को भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से सोनम वांगचुक का वजन लगभग 8.5 किलोग्राम कम हो गया है। इसी वजह से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। इस बीच कई विपक्षी नेता उनसे अनशन समाप्त करने की अपील कर चुके हैं, जबकि उनके स्वास्थ्य को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है।
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