Automobile Desk : भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए हाल ही में समाप्त हुआ जुलाई का महीना इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। इस दौरान देश में वाहनों की अब तक की सबसे बड़ी खुदरा बिक्री देखने को मिली। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इस बार ऑटो सेक्टर ने 25.89 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की है। जुलाई 2025 में जहां कुल 20,58,325 वाहनों का पंजीकरण हुआ था, वहीं जुलाई 2026 में यह आंकड़ा छलांग लगाकर 25,91,138 इकाइयों तक पहुंच गया।

पैसेंजर व्हीकल (कार) सेगमेंट में भी उपभोक्ताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कारों की बिक्री में सालाना आधार पर 19.13 फीसदी की वृद्धि हुई। बीते वर्ष जुलाई में 3,49,674 कारें बिकी थीं, जिनकी संख्या इस बार बढ़कर 4,16,555 हो गई। गाड़ियों की बिक्री में आए इस उछाल के पीछे जीएसटी नियमों में सुधार (जीएसटी 2.0), बैंकों द्वारा आसान दरों पर लोन की उपलब्धता और आगामी त्यौहारी सीजन की तैयारियों को मुख्य कारण माना जा रहा है।
टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। टू-व्हीलर मार्केट 28.25 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 14,17,767 से बढ़कर 18,18,289 इकाइयों पर पहुंच गया। थ्री-व्हीलर सेगमेंट में 16.16 प्रतिशत की तेजी देखी गई और कुल 1,33,778 वाहन बिके। वहीं, माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े कमर्शियल वाहनों (ट्रक आदि) की बिक्री 24.04 फीसदी बढ़कर 80,348 से 99,666 यूनिट्स पर पहुंच गई।
इस बार के आंकड़े भारतीय ग्राहकों की सोच में आ रहे बड़े बदलाव की ओर इशारा करते हैं। बाजार में अब पारंपरिक पेट्रोल गाड़ियों का वर्चस्व कम हो रहा है। जुलाई में बिकी कुल कारों में सीएनजी मॉडल्स का हिस्सा 24.67 फीसदी, हाइब्रिड का 8.02 फीसदी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) का हिस्सा 7.90 फीसदी रहा। यानी इन तीनों वैकल्पिक ईंधन विकल्पों ने मिलकर बाजार का 40.59 प्रतिशत हिस्सा अपने नाम कर लिया, जो पेट्रोल गाड़ियों की 41.68 प्रतिशत हिस्सेदारी के बेहद करीब है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। टू-व्हीलर ईवी मार्केट शेयर पिछले साल के 7.65 प्रतिशत से बढ़कर इस बार 11.24 प्रतिशत पर पहुंच गया। पूरे देश में कुल 3,27,901 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बिकीं, जिसके साथ कुल ऑटोमोबाइल मार्केट में ईवी की कुल हिस्सेदारी बढ़कर करीब 12.7 फीसदी हो गई है, जो पिछले साल महज 9.6 फीसदी दर्ज की गई थी।


