पटना। NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में अब CBI जांच होगी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से इसकी अनुशंसा की है, जिसकी जानकारी डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर दी। राज्यपाल ने भी CBI जांच का समर्थन किया है और बिहार पुलिस को पूरी सहयोग देने का निर्देश दिया गया है।
इस बीच SIT द्वारा कराई गई DNA जांच की रिपोर्ट सामने आई है। छात्रा के कपड़ों से मिले स्पर्म सैंपल के आधार पर 18 लोगों के DNA सैंपल लिए गए थे, जिनमें हॉस्टल मालिक मनीष रंजन और उनके बेटे भी शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक किसी का भी DNA मैच नहीं हुआ है।
परिवार ने उठाए सवाल
पीड़ित परिवार CBI जांच से भी संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि वे शुरू से न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे। परिवार का आरोप है कि पहले SIT के जरिए सबूत कमजोर किए गए और अब वही केस CBI को सौंपा जा रहा है।
जहानाबाद में छात्रा की मां ने पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने रिपोर्ट को अफवाह बताया और मुलाकात के दौरान चुप कराने की कोशिश की। छात्रा के भाई ने दावा किया कि DGP से मुलाकात में मां से कहा गया कि मान लीजिए आपकी बेटी ने सुसाइड किया है।
SIT रिपोर्ट पर असहमति
बताया जा रहा है कि SIT ने अपनी रिपोर्ट गृह मंत्री को सौंप दी है, जिसमें पटना में किसी घटना से इनकार किया गया है। हालांकि परिवार इस निष्कर्ष से सहमत नहीं है और न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है।
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