सत्या राजपूत, रायपुर। नगर पालिका निगम कार्यालय में गुरुवार को कामकाज पूरी तरह से प्रभावित रहा। 4 मार्च को होली के कारण सरकारी अवकाश था, लेकिन 5 मार्च को वर्किंग डे होने के बावजूद कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी नदारद रहे। सुबह से ही नगर निगम के कई विभागों की कुर्सियां खाली रहीं।

लल्लूराम डॉट कॉम की टीम जब नगर निगम कार्यालय पहुंची तो अपने काम से पहुंचे लोगों ने बताया कि वे अपने जरूरी काम के लिए निगम पहुंचे थे, लेकिन अधिकांश कक्षों में ताला लटका मिला। कुछ कर्मचारी सुबह थोड़ी देर के लिए पहुंचे भी, लेकिन दोपहर तक वे भी गायब हो गए। इस स्थिति से नाराज लोगों ने निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

लोगों ने कहा कि जब छुट्टी नहीं है तो अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में मौजूद क्यों नहीं हैं। कई लोग दूर-दराज से अपने काम के लिए आए थे, लेकिन अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। स्थानीय लोगों ने कहा कि जब कार्यालय में कोई अधिकारी मौजूद ही नहीं है तो शिकायत किससे करें। अब उन्हें अपने काम के लिए दोबारा निगम कार्यालय आना पड़ेगा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

लोग बोले – शिकायत किससे करें जब कोई सुनने वाला ही नहीं

अपने काम के लिए नगर निगम पहुंचे भोलाराम साहू, मोहित यादव ने कहा कि गुरुवार को छुट्टी नहीं है, फिर भी न कोई अधिकारी आए न कर्मचारी। अब फिर दोबारा आना पड़ेगा। शिकायत भी किससे करें जब कोई सुनने वाला ही नहीं है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब होली के बाद सरकारी कार्यालयों में ऐसी उदासीनता देखी गई है। पिछले कुछ वर्षों में भी त्योहारों के बाद पोस्ट-होलिडे सिंड्रोम के चलते कर्मचारियों की अनुपस्थिति आम बात रही है। छत्तीसगढ़ शासन के कैलेंडर के अनुसार 4 मार्च को होली अवकाश घोषित था और 5 मार्च को सामान्य कार्य दिवस है, बावजूद इसके नगर निगम में उपस्थिति न के बराबर रही।

महापौर ने नहीं दिया कोई जवाब

नागरिकों ने महापौर मीनल चौबे से इस मुद्दे पर जवाब मांगा। जब उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। लल्लूराम डॉट कॉम की टीम ने भी महापौर को कॉल किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका कोई जवाब नहीं मिला। अब सवाल यह है कि क्या नगर निगम में कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर कोई कार्रवाई होगी? क्या जनता के कामों के लिए दोबारा आने की मजबूरी खत्म होगी ? महापौर मीनल चौबे, जिन्होंने रायपुर को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने का संकल्प लिया था, इस लापरवाही पर क्या रुख अपनाएंगी..?