कुमार उत्तम/मुजफ्फरपुर। जिले के मरवन प्रखंड अंतर्गत गवासरा गांव के वार्ड नंबर 3 (सहनी टोला) में बुधवार शाम आग ने ऐसा कहर बरपाया कि देखते ही देखते 45 परिवारों के आशियाने उजड़ गए। खाना बनाने के दौरान सुलगी एक चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर स्वाहा हो गई है।
शाम 5 बजे शुरू हुआ तबाही का मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना शाम लगभग 5:00 बजे की है। घर की रसोई में खाना बनाने के दौरान अचानक आग भड़क उठी। तेज हवाओं और गर्मी के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर से धुएं का गुबार देखा जा सकता था।

अपनों को बचाने और आग बुझाने की जद्दोजहद
स्थानीय निवासी रामनिवास साहनी ने बताया कि आग लगने के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बाल्टियों से पानी डालकर बचाव कार्य शुरू किया। लेकिन आग का रूप इतना भयावह था कि स्थानीय लोगों की कोशिशें ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हो रही थीं। लोग अपनी आंखों के सामने अपनी जीवनभर की कमाई को खाक होते देख बेबस नजर आए।

प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आरोप है कि घटना के एक घंटे बाद तक न तो दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और न ही नजदीकी करजा थाना से कोई अधिकारी आया। प्रखंड मुख्यालय के अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जाहिर की है।
प्रभावित परिवारों की सूची
इस अग्निकांड में तुलसी सहनी, सीताराम सहनी, हरिमोहन सहनी, बुला सहनी, शंभु सहनी, शिवनारायण सहनी, बिंदेश्वर सहनी और प्रणादन सहनी सहित कुल 45 परिवारों के घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। पीड़ित परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और सरकारी सहायता की गुहार लगा रहे हैं।
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