श्री मुक्तसर साहिब। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अपनी धार्मिक सजा की अवधि को लेकर एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। श्री मुक्तसर साहिब में पंजाब बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए बादल ने आरोप लगाया कि जब उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा सजा सुनाई गई थी, तब स्वयंभू धार्मिक नेताओं ने उन्हें राजनीति से बाहर करने और बादल नाम को खत्म करने के लिए एक गहरी साजिश रची थी।

सुखबीर बादल ने रैली के दौरान कहा कि पिछले एक साल में उन पर कई हमले हुए। उन्होंने अगस्त 2024 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे राजनीति से निकालने की कोशिश की गई। यहां तक कि साजिश के तहत मुझे दरबार साहिब के बाहर पहरेदार के रूप में बैठने के लिए कहा गया, लेकिन शर्त यह रखी गई कि मेरे साथ कोई सुरक्षाकर्मी (सिक्योरिटी) नहीं रहेगा। इसका सीधा मकसद यह था कि मुझ पर हमला हो जाए और मैं खत्म हो जाऊं। उन्होंने आगे कहा कि जिस पर परमात्मा का हाथ होता है, उसे कोई नहीं मिटा सकता। जो मुझे खत्म करना चाहते थे, आज वे खुद दर-दर भटक रहे हैं।

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में श्री अकाल तख्त साहिब ने सुखबीर बादल को तनखाहीया (धार्मिक रूप से दोषी) घोषित किया था। सजा के तौर पर उन्हें स्वर्ण मंदिर की ड्योढ़ी पर पहरेदार के रूप में सेवा करने, बर्तन मांजने और शौचालय साफ करने का आदेश दिया गया था। जब वे पहरेदार की सेवा निभा रहे थे, तब नारायण सिंह चौड़ा नामक व्यक्ति ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी। हालांकि, पंजाब पुलिस के एएसआई जसबीर सिंह की मुस्तैदी से उनकी जान बच गई थी।

पूर्व जत्थेदारों पर साधा निशाना

बादल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सजा सुनाने वाले तत्कालीन पांच सिंह साहिबानों में शामिल रहे ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अब अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘शिरोमणि अकाली दल, पुनर सुरजीत’ बना ली है। वहीं, वर्तमान जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने भी हाल ही में बादल परिवार पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर कब्जा करने के आरोप लगाए थे।

सुखबीर बादल पर मुख्य आरोप यह था कि 2007 में उनकी सरकार के दौरान डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ दर्ज केस वापस लिया गया था। उन पर आरोप था कि वोट बैंक की खातिर उन्होंने अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर राम रहीम को माफी दिलवाई, जिसे सिख संगत ने पंथ के साथ विश्वासघात माना था।
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सुखबीर बादल पंजाब बचाओ रैली’ के माध्यम से काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। वे जहां सत्ताधारी आम आदमी पार्टी पर निशाना साध रहे हैं, वहीं 2027 के लिए अपना विजन भी जनता के सामने रख रहे हैं।