चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोहों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री 9 मई को पश्चिम बंगाल जाएंगे, जबकि वहां से 10 मई को असम रवाना होंगे। असम में उनका तीन दिवसीय प्रवास प्रस्तावित है।


भारतीय जनता पार्टी ने असम में नए मुख्यमंत्री और विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया के लिए नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जबकि जे.पी. नड्डा मुख्य पर्यवेक्षक की भूमिका निभाएंगे। एनडीए की बड़ी जीत के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा को जन्म दिया है। इस सफलता में हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी की सक्रिय भागीदारी को भी अहम माना जा रहा है। पार्टी प्रचार और संगठनात्मक कार्यों में उनकी मौजूदगी ने उनकी राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया है।

“विजय भव” अभियान में सक्रिय भूमिका
पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जनसभाएं कीं। उन्होंने मेदिनीपुर जिले के मोयना विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया। इसके अलावा श्रीरामपुर में नामांकन कार्यक्रमों में भी भाग लिया।
इन कार्यक्रमों में भास्कर भट्टाचार्य, दिलीप सिंह, देबासिस मुखर्जी, प्रसनजीत बाग और दीपांजन चक्रवर्ती जैसे प्रत्याशियों के समर्थन में उन्होंने जनसंपर्क किया। चुनाव परिणामों में इन क्षेत्रों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह धारणा मजबूत हुई कि उनका प्रचार अभियान प्रभावी रहा।

पंजाब में भी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता
भाजपा संगठन अब पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए नायब सिंह सैनी की भूमिका को विस्तार देने पर विचार कर रहा है। पिछले कुछ समय से वे पंजाब में लगातार सक्रिय हैं और कई राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।
हाल ही में पंजाब में कुछ नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता और रणनीतिक भूमिका पर चर्चा तेज हुई है। पार्टी उन्हें ओबीसी नेतृत्व और चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण चेहरा मानकर आगे बढ़ा रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता प्रभाव
अक्टूबर 2024 में हरियाणा में भाजपा की लगातार तीसरी जीत के बाद नायब सिंह सैनी का राजनीतिक प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है। उन्हें संगठन में एक सक्रिय रणनीतिकार और मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि उनकी कार्यशैली—जमीनी संपर्क, संगठनात्मक पकड़ और सरल छवि—भाजपा की विस्तार रणनीति के अनुरूप है। विभिन्न राज्यों में उनकी सक्रिय भूमिका इस बात का संकेत है कि संगठन उन्हें भविष्य में और बड़ी जिम्मेदारियों के लिए तैयार कर रहा है।