महाराष्ट्र के नए नागपुर पुलिस आयुक्त और 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान अपनी बहादुरी के लिए चर्चित रहे आईपीएस अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल इन दिनों राजनीतिक विवाद के केंद्र में हैं. कांग्रेस ने उन पर अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है, जिसमें राजनीतिक तटस्थता जरूरी है. महाराष्ट्र कांग्रेस ने आईपीएस अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल द्वारा सकल हिंदू समाज नामक संगठन के एक कार्यक्रम में दिए गए भाषण पर आपत्ति जताते हुए इसकी जांच की मांग की है.
नागपुर पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल का ‘सकल हिंदू समाज’ कार्यक्रम में RSS और हेडगेवार की प्रशंसा वाला भाषण को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है.
महाराष्ट्र कांग्रेस ने आईपीएस अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल द्वारा सकल हिंदू समाज नामक संगठन के एक कार्यक्रम में दिए गए भाषण पर विपक्षी दल कांग्रेस ने उनके खिलाफ सवालों की झड़ी लगा दी है. भाषण में कथित प्रशंसा किए जाने से अधिकारी की राजनीतिक तटस्थता और सेवा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आईपीएस अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल ने RSS और उसके संस्थापक डॉ. के.बी. हेडगेवार की प्रशंसा करते हुए All India Services आचरण नियमों को तोड़ा है.
कांग्रेस का कहना है कि ऑल इंडिया सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स के मुताबिक किसी भी IPS अधिकारी को ऐसे कार्यक्रम में भाग लेने से पहले सरकार से मंजूरी लेनी होती है.
कांग्रेस ने कहा कि हम सवाल के माध्यम से सरकार से यह जानना चाह रहे है कि क्या नांगरे पाटिल ने ऐसी कोई भी मंजूरी ली थी. अगर ली थी तो साबित करें और अगर नहीं, तो तो क्या सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी?
महाराष्ट्र कैडर के सम्मानित IPS अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल को मंगलवार को नागपुर का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया. उन्हें 26/11 के हीरो के तौर पर भी जाना जाता है. उनकी बेस्टसेलिंग किताब ‘मन में है विश्वास’ है.
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