कुंदन कुमार, पटना। बिहार के दरभंगा में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सरकार ने नेहरू स्टेडियम को राष्ट्रीय स्तर के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से 10 एकड़ में बनने वाले इस अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से मिथिलांचल के युवाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।

​विकास और समीक्षा बैठक

​मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम और आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के ब्लूप्रिंट व प्रस्तुतीकरण का भी अवलोकन किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह योजना धरातल पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

​आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

​प्रस्तावित परिसर में खिलाड़ियों के लिए कई विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी:

  • ​क्रिकेट स्टेडियम: डे-नाइट मैचों के आयोजन के लिए हाई मास्ट लाइट्स, हाइब्रिड टर्फ पिच और सर्वसुविधायुक्त पवेलियन।
  • ​मल्टीपरपज इंडोर हॉल: स्विमिंग पूल, बॉक्सिंग रिंग, जूडो-रेसलिंग क्षेत्र, चार बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबॉल, स्क्वैश और आधुनिक जिम।
  • ​खेल विज्ञान और चिकित्सा: खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने के लिए स्पोर्ट्स साइंस, बायो-मैकेनिक्स और विशेष मेडिकल सहायता।
  • ​आवास और अन्य सुविधाएं: बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के लिए 100 बेड का छात्रावास, गेस्ट हाउस, डाइनिंग हॉल, लॉन टेनिस कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, नेट प्रैक्टिस पिच, सौर ऊर्जा प्रणाली और मल्टी लेवल पार्किंग।

​खेल प्रतिभाओं के पलायन पर लगेगा विराम

​लंबे समय तक मिथिलांचल की खेल प्रतिभाएं संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अपनी क्षमता का पूरा प्रदर्शन करने से वंचित रह जाती थीं। इस परियोजना के मूर्त रूप लेने के बाद स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। उन्हें अपने ही शहर में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और संसाधन मिल सकेंगे।

​युवाओं के भविष्य और विकसित बिहार का संकल्प

​यह खेल परिसर केवल बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं है, बल्कि यह राज्य की युवा पीढ़ी के सुनहरे भविष्य की नींव है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत और राज्य सरकार के विकसित बिहार के विजन को आगे बढ़ाते हुए यह परियोजना दरभंगा को एक प्रमुख खेल हब के रूप में स्थापित करेगी। शिक्षा और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध मिथिला की धरती अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की नई पौध तैयार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।