मुजफ्फरपुर। जिले की अदालत ने न्याय प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है। एडीजे-11 डॉ. किशोर कुणाल ने गवाही देने के लिए कोर्ट में पेश न होने पर 4 दरोगा समेत कुल 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए उनकी गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। अदालत ने एसएसपी कार्यालय को यह आदेश दिया है कि आगामी 28 अक्टूबर तक हर हाल में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया जाए।

​क्या है पूरा मामला और 2018 की घटना?

​यह पूरा मामला साल 2018 का है जो मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 17 सितंबर 2018 की रात लगभग साढ़े नौ बजे सरैया थाने की एक पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ शातिर अपराधी मणिकपुर स्थित जगत सिंह हाई स्कूल के मैदान में हथियारों के साथ एकत्र होकर किसी बड़ी डकैती की साजिश रच रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत छापेमारी की और मौके से राहुल कुमार यादव उर्फ क्रांति यादव, मोहम्मद अंजार और मुकेश कुमार राम को गिरफ्तार कर लिया।
​हालांकि, इस दौरान अनिल कुमार, गुड्डू सहनी और राजेश राय नामक तीन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब हो गए थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक लोडेड देसी पिस्तौल और कई जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे। इस तरह इस सनसनीखेज मामले में कुल 6 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसकी सुनवाई वर्तमान में एडीजे-11 की अदालत में चल रही है।

​गवाही से लगातार दूरी

​कानूनी प्रावधानों के तहत, जिस पुलिस टीम ने छापेमारी कर अपराधियों को दबोचा था और हथियार बरामद किए थे, उन्हें अदालत में आकर अपनी गवाही दर्ज करानी थी और जब्त हथियारों को बतौर सबूत पेश करना था। लेकिन आरोप है कि अदालत द्वारा कई तारीखें दिए जाने के बावजूद इनमें से एक भी पुलिसकर्मी गवाही देने नहीं पहुंचा और न ही जरूरी सबूत अदालत में पेश किए गए।
​अदालत ने इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को बेहद गंभीरता से लिया है। प्रक्रिया के तहत, कोर्ट ने सबसे पहले 8 मई 2025 को इन 11 पुलिसकर्मियों को समन जारी किया था। इसके बावजूद जब वे पेश नहीं हुए, तो 20 अगस्त को उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किए गए। जब पुलिसकर्मियों ने इसके बाद भी अदालत के आदेश की अनदेखी जारी रखी, तो अंततः कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए।

​किन-किन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज?

​अदालत के इस कड़े आदेश की जद में आने वाले 11 पुलिसकर्मियों में मुख्य रूप से सरैया थाने में तैनात तत्कालीन दरोगा मोहम्मद अलाउद्दीन, शत्रुघ्न सहनी, योगेंद्र कुमार सिंह और मामले के अनुसंधानक (IO) अनिल कुमार शामिल हैं। इनके अलावा बिहार सैन्य पुलिस (BMP) के हवलदार संजय शर्मा, सिपाही अभय कुमार सिंह, अजहर खान, राहुल कुमार और परिचारी चालक राधाकांत प्रसाद समेत कुल 11 कर्मी इस कार्रवाई के दायरे में हैं। अब मुजफ्फरपुर एसएसपी कार्यालय पर इन सभी को निर्धारित समय सीमा के भीतर गिरफ्तार कर अदालत में प्रस्तुत करने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है।