भोपाल। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। डॉ मोहन यादव की सरकार ने सोयाबीन के पंजीयन की तारीख बढ़ा दी है। अब किसान 24 अक्टूबर तक ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन करा सकेंगे। भारत सरकार की भावांतर योजना में खरीफ 2026 में रजिस्ट्रेशन की अवधि 3 से 17 अक्टूबर तक निर्धारित थी। इस संबंध में सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिये गये हैं। साथ ही उन्हें पंजीकृत कृषकों का सत्यापन भी इस अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

यहां कर सकेंगे पंजीयन

किसान सोयाबीन बेचने के लिए ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन करा सकेंगे। इसके लिए जिले में निर्धारित पंजीयन केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।

ऐसे करा सकेंगे पंजीयन

पंजीयन ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्र और सहकारी समितियों व विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर निशुल्क होगा। एमपी ऑनलाइन, सीएससी कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे से अधिकतम 50 रुपए शुल्क देकर भी किसान पंजीयन करा सकेंगे। बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समितियों में ही होगा।

किसानों को जरूरी सलाह

सोयाबीन के भावांतर पंजीयन से पहले किसान बैंक खाते को आधार और एक्टिव मोबाइल नंबर से लिंक करा लें। मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए जिला-तहसील या डाकघर के आधार केंद्र पर जाएं। पंजीयन के दौरान भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और आईएफएससी कोड सही दर्ज कराएं।

आधार नंबर का वेरिफिकेशन

पंजीयन कराने और फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना जरूरी है। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर पर मिले ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाइस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते और खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही पंजीयन मान्य होगा।

किसानों को करें SMS

पहले से खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस के जरिए से सूचित किया जाएगा। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने, समिति/मंडी स्तर पर बैनर के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। सरकार ने किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए है।

आपको बता दे कि 2025-26 में भावांतर योजना के तहत 7.10 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। 16.95 लाख टन सोयाबीन की खरीदी हुई थी। किसानों को 1476 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ था। इस साल 7 से 10 लाख किसानों के पंजीयन और करीब 20 लाख टन सोयाबीन खरीदी का अनुमान है।

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