ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक हाईराइज सोसाइटी में 23वीं मंजिल से गिरने पर पिता और उनके 11 वर्षीय बेटे की मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, बेटा फूल तोड़ते समय फिसला और उसे बचाने की कोशिश में पिता भी नीचे गिर गए.
गौतम बुद्ध नगर. एक हाईराइज सोसाइटी में शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसे में पिता और उनके 11 वर्षीय बेटे की मौत हो गई. पूजा के लिए फूल तोड़ते समय बेटा 23वीं मंजिल की बालकनी से गिरा और उसे बचाने की कोशिश में पिता भी नीचे जा गिरे.
मृतकों की पहचान 40 वर्षीय रणदीप पात्रा और उनके बेटे आरव के रूप में हुई है. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.
फूल तोड़ते समय हादसा
पुलिस के अनुसार, रणदीप पात्रा अपनी पत्नी अमृता श्रीमणि और बेटे आरव के साथ महागुन मायवुड्स सोसाइटी के टावर-23 में पिछले चार वर्षों से रह रहे थे. रणदीप और उनकी पत्नी दोनों केंद्रीय सचिवालय, दिल्ली में सेक्शन ऑफिसर थे.
परिवार को शुक्रवार को राजस्थान के सीकर स्थित खाटू श्याम मंदिर जाना था. वहां जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े काम के लिए उन्हें सुबह 10.30 बजे रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचना था.
गीली रेलिंग पर फिसला पैर
अमृता के बयान के आधार पर पुलिस ने बताया कि मंदिर जाने की तैयारी के लिए दंपती सुबह करीब चार बजे उठे थे. रणदीप ने बेटे आरव को भी जगाया और उसे बालकनी में ले गए.
बालकनी में लगी बेल के फूल काफी ऊंचाई पर थे, इसलिए वहां सीढ़ी लगाई गई थी. शुरुआती जांच में सामने आया कि आरव सीढ़ी पर चढ़कर फूल तोड़ रहा था और उसका एक पैर करीब साढ़े चार फीट ऊंची रेलिंग पर था.
सुबह हुई बारिश के कारण बालकनी और रेलिंग गीली थी. इसी दौरान सीढ़ी का संतुलन बिगड़ा और आरव का पैर फिसल गया.
बेटे को बचाने में पिता भी गिरे
बेटे को नीचे गिरता देखकर रणदीप उसे बचाने के लिए आगे बढ़े. इस दौरान उनका भी संतुलन बिगड़ गया और दोनों 23वीं मंजिल से नीचे क्लब की छत पर जा गिरे.
हादसे के समय अमृता दूसरे कमरे में खाटू श्याम मंदिर जाने के लिए तैयार हो रही थीं. इस दुर्घटना में उन्होंने अपने पति और इकलौते बेटे को खो दिया.
पुलिस कर रही जांच
पुलिस हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है. नोएडा के डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह के अनुसार, मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
पहले भी हुए हादसे
दिल्ली-एनसीआर की कई हाईराइज सोसाइटियों में पहले भी ऊंचाई से गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. 21 मार्च 2026 को गौड़ सिटी सेवनथ एवेन्यू में 12वीं मंजिल से गिरने पर तीन वर्षीय बच्चे की मौत हुई थी.
इससे पहले 10 मार्च 2026 को गौड़ सिटी-1 में भी तीन वर्षीय बच्चे की 12वीं मंजिल की बालकनी से गिरने से मौत हुई थी. पुलिस के अनुसार, बच्चा कुर्सी को बालकनी तक ले गया था और नीचे देखने के दौरान संतुलन बिगड़ने से गिर गया.
एक अन्य मामले में 29 नवंबर 2024 को सेक्टर-114 की पैरामाउंट इमोशंस सोसाइटी में 14 वर्षीय छात्र की 14वीं मंजिल से गिरकर मौत हुई थी. 17 जुलाई 2023 को ऐस डिविनो में 12 वर्षीय विराट गिरी की 18वीं मंजिल से गिरने के बाद जान चली गई थी.
वहीं, ऐसे ही 23 अगस्त 2021 को कासा ग्रींस-1 में एक वर्षीय बच्चे रिवान की 12वीं मंजिल से गिरकर मौत हुई थी. उस समय बच्चे के जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं और वह कॉमन एरिया में खेलते हुए सीढ़ियों की ग्रिल के बीच से नीचे गिर गया था.
बढ़ाए जा रहे सुरक्षा इंतजाम
ऊंची इमारतों में रहने वाले कई परिवार अब बालकनी की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त इंतजाम कर रहे हैं. हाईड पार्क, अंतरिक्ष गोल्फ व्यू-1, अंतरिक्ष गोल्फ व्यू-2, प्रतीक विस्टेरिया, एसोटेक, लोटल बुलेवर्ड और प्रतीक लॉरेल समेत कई सोसाइटियों में बालकनियों पर ग्रिल और अन्य सुरक्षा कवर लगाए गए हैं.
कुछ जगह बालकनी के खुले हिस्से को ग्रिल से सुरक्षित किया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर इसे पूरी तरह ढका गया है. जरूरत पड़ने पर इन व्यवस्थाओं को हटाया भी जा सकता है.
हाइड पार्क सोसाइटी और सुपरनोवा में भी ऊंचाई से गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट में भी हाल के दिनों में बच्चे के ऊंचाई से गिरने का मामला सामने आया था, जिसके बाद कई परिवार बालकनी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं.

