फरीदाबाद। फरीदाबाद नगर निगम के एक ठेकेदार से रिश्वत लेने के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तत्कालीन जूनियर इंजीनियर (जेई) टेकचंद को दोषी करार देते हुए चार साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला एडिशनल सेशन जज अशोक कुमार की कोर्ट द्वारा सुनाया गया है। जेई पर ठेकेदार का बिल पास करने और फाइल पर हस्ताक्षर करने के एवज में दो बार रिश्वत मांगने का आरोप था।

एमबी पूरी करने के नाम पर लिए थे पैसे

स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, शिकायतकर्ता राहुल ठेकेदारी का काम करता था। मई 2019 में उसे सेक्टर-8 में पुरानी पानी की टंकी तोड़ने का ठेका मिला था। काम पूरा होने के बाद जब भुगतान के लिए बिल तैयार होना था, तो उसके लिए मेजरमेंट बुक (एमबी) पूरी करना जरूरी था। आरोप था कि जेई टेकचंद ने एमबी पूरी करने के बदले ठेकेदार से 14 हजार रुपए रिश्वत ली थी।

साइन करने के लिए दोबारा मांगी रिश्वत

विजिलेंस के मुताबिक, एमबी पूरी होने के बाद जब ठेकेदार का बिल तैयार हुआ, तो जेई ने फाइल पर हस्ताक्षर करने के एवज में फिर से 14 हजार रुपए की मांग की। जब ठेकेदार ने दोबारा रिश्वत देने से मना कर दिया, तो जेई ने फाइल पर साइन करने से इनकार कर दिया। इसके बाद परेशान होकर ठेकेदार ने विजिलेंस अधिकारियों से इसकी शिकायत की।

विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर दबोचा था

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए 19 मई 2020 को जाल बिछाया और ठेकेदार से 14 हजार रुपए लेते हुए जेई टेकचंद को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच पूरी होने के बाद विजिलेंस ने 1 सितंबर 2021 को अदालत में चालान पेश किया था। लंबी सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अब कोर्ट ने आरोपी जेई को दोषी करार देते हुए चार साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

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