अजय सैनी, भिवानी। छोटी काशी के नाम से विख्यात भिवानी नगरी इन दिनों भक्ति के अनूठे रंग में डूबी हुई है। हनुमान जोहड़ी मंदिर परिवार द्वारा पिछले एक वर्ष से निरंतर निकाली जा रही ‘अढ़ाई कोसी नगर परिक्रमा’ में रविवार को भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धा का सैलाब देखने को मिला। बालयोगी महंत चरणदास महाराज के सान्निध्य में यह यात्रा अपनी आध्यात्मिक चमक बिखेरते हुए आगे बढ़ रही है।

ऐतिहासिक दरवाजों और मंदिरों की महिमा से रूबरू हो रहे श्रद्धालु

बता दें कि परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर महंत चरणदास महाराज ने कहा कि यह परिक्रमा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भिवानी के गौरवमयी इतिहास से जुड़ने का माध्यम है। इसके जरिए लोग शहर के प्राचीन मंदिरों और सभी 12 दरवाजों के ऐतिहासिक महत्व को जान रहे हैं।

समाजसेवियों और कलाकारों का हुआ सम्मान

गौरतलब है कि इस आयोजन में आध्यात्मिकता के साथ-साथ समाजसेवा और कला का भी सम्मान किया गया। महंत चरणदास महाराज ने 51 सफल शहीदी कवि सम्मेलनों के आयोजन के लिए भागीरथ शर्मा और नगर परिक्रमा में सराहनीय योगदान के लिए घनश्याम शर्मा को सम्मानित किया। मैदानी सूत्रों ने बताया कि इस यात्रा ने शहर के युवाओं और बुजुर्गों को अपनी संस्कृति से जोड़ने का बड़ा काम किया है।

16 मई को निकलेगी विशाल परिक्रमा, 400 दिन होंगे पूरे

महंत जी ने घोषणा की है कि इस निरंतर जारी नगर परिक्रमा के 400 दिन पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 16 मई को शहर में एक विशाल नगर परिक्रमा निकाली जाएगी। यह भव्य आयोजन पूरे शहर को एकता और श्रद्धा के सूत्र में पिरोने का कार्य करेगा। इस दौरान जयपाल परमार, शिव कुमार चित्रकार, दिनेश दाधीच और सुनील गर्ग सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।