राकेश कथूरिया, कैथल। हरियाणा के कैथल में ज्योतिष विज्ञान और वैदिक संस्कृति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। यहां के एक निजी होटल में ज्योतिष पुंज ग्लोबल फाउंडेशन (Jyotish Punj Global Foundation) की ओर से भव्य ‘ज्योतिष महामंथन सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस बड़े सम्मेलन (astrology conference) में देश के कोने-कोने से आए नामी ज्योतिषाचार्यों, धर्मगुरुओं और विद्वानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में कुंडली विश्लेषण, ग्रहों की चाल और जीवन के संकटों को दूर करने वाले वैदिक उपायों पर गंभीर चर्चा हुई।

मांगलिक दोष का असली सच और कुंडली के भावों का रहस्य

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डॉ. अजय बाम्बी, आचार्य कृष्ण चंद्र शास्त्री, आचार्य सुरेश वशिष्ठ, ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे, डीपी शास्त्री और आचार्य अश्विनी गौतम ने अपने विचार रखे। इस दौरान डॉ. कृष्ण चंद शास्त्री ने समाज में फैले मांगलिक दोष (Manglik Dosh remedies) के भ्रम को दूर किया। उन्होंने बताया कि कुंडली में मंगल की सही गणना कैसे की जाती है और वैवाहिक जीवन पर इसका क्या असर होता है।

वहीं, जाने-माने ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे ने कुंडली के अलग-अलग भावों (houses in birth chart) का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि कुंडली का कौन-सा घर धन, करियर, शादी, संतान, बीमारी, भाग्य और अध्यात्म को प्रभावित करता है।

ग्रहों की चाल से संवर सकता है जीवन

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुमन अत्री और विजय कुमार शास्त्री की देखरेख में हुए इस आयोजन में ग्रहों के संतुलन पर खास जोर दिया गया। ज्योतिषाचार्य राजकुमार और जयपाल शर्मा ने कहा कि इंसान के जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव में ग्रहों की बड़ी भूमिका होती है। सही मार्गदर्शन और वैदिक उपायों (Vedic astrology remedies) से इन प्रभावों को बदला जा सकता है।

इसी बीच, ज्योतिषाचार्य अमन जोशी ने यंत्र-मंत्र और तंत्र के फर्क को आसान भाषा में समझाया। आचार्य सुरेश वशिष्ठ ने तिथि गणना और धार्मिक परंपराओं की बारीकियां बताईं।

पूर्व बैंक डायरेक्टर पीएल भारद्वाज ने किया सम्मानित

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे हरियाणा ग्रामीण बैंक के पूर्व डायरेक्टर एडवोकेट पीएल भारद्वाज (Advocate PL Bhardwaj) ने देशभर से आए विद्वानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अगर इंसान सही समय पर योग्य ज्योतिषाचार्य से सलाह ले, तो जीवन की कई मुश्किलें आसान हो सकती हैं। उन्होंने फाउंडेशन के इस प्रयास को खूब सराहा।

कैथल के इतिहास में इतने बड़े स्तर पर ज्योतिषियों का जुटना एक बड़ी बात है। कार्यक्रम के आखिरी में सभी मेहमानों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर महेंद्र पाल शास्त्री, रुचि सराफ, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. नरेश शर्मा, आचार्य सुदामा और सीमा शर्मा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।