पाकिस्तान की सेना ने अपने सैनिकों और अधिकारियों के वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की मंजूरी के बाद सभी रैंकों के लिए वेतन और भत्तों में संशोधन किया गया है। नए पैकेज के तहत एड-हॉक रिलीफ अलाउंस में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जबकि डिस्टर्बेंस अलाउंस को तीन गुना तक बढ़ा दिया गया है।
इसके अलावा, कैश-इन-लियू पेमेंट, यूनिफॉर्म अलाउंस और बैटमैन अलाउंस को भी दोगुना कर दिया गया है। माना जा रहा है कि यह कदम सेना के भीतर मनोबल मजबूत करने और जवानों को अतिरिक्त आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आर्थिक संकट के बीच लिया गया फैसला
यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। देश में महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते कर्ज ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे हालात में रक्षा क्षेत्र पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने वाला यह फैसला चर्चा का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन वृद्धि से रक्षा बजट पर दबाव बढ़ सकता है, लेकिन सरकार और सेना इसे राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सैन्य मनोबल से जुड़ा आवश्यक कदम बता रही है।
सीमा तनाव के बाद मनोबल बढ़ाने की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, हालिया भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद सेना के मनोबल को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद सूत्रों का दावा है कि संशोधित वेतन संरचना को तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
भारत ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन का उद्देश्य उन आतंकी ढांचों को ध्वस्त करना था जहां से भारत के खिलाफ हमलों की योजना बनाई जाती थी।
यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। ऑपरेशन के बाद दोनों देशों के बीच तनाव में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई थी।

