नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 40 साल बाद कांग्रेस ने आखिरकार यह स्वीकार कर लिया कि 1984 का सिख नरसंहार गलत था। कंग ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस और इंदिरा गांधी को क्लीन चिट देना सिख समुदाय के जख्मों को और गहरा करता है।
कंग ने आगे कहा कि कांग्रेस द्वारा श्री दरबार साहिब और श्री अकाल तख्त पर किया गया हमला कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस अब भी सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर और कमलनाथ जैसे नेताओं के प्रति नरम रुख क्यों अपनाए हुए है, जो सिख नरसंहार के लिए जिम्मेदार थे।
इससे पहले, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने चिदंबरम के बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का हाथ साफ हो सकता है, लेकिन सिख भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए।
कांग्रेस हाईकमान चिदंबरम से नाराज
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान चिदंबरम के बयान से बेहद नाराज है। हाईकमान का मानना है कि वरिष्ठ नेताओं को ऐसे बयान देने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि यह पार्टी के लिए शर्मिंदगी का कारण बन रहा है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि गांधी परिवार की देश के लिए कुर्बानियों को हर कोई जानता है, और यह बयान पार्टी के लिए शर्मिंदगी का सबब है।

चिदंबरम के बयान पर अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि चिदंबरम ने पहले 26/11 हमले में विदेशी दबाव का खुलासा किया था और अब यह बयान दिया। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास को कमजोरियों से भरा बताया। बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि चिदंबरम ने सच बोला, लेकिन बहुत देर से। उन्होंने इसे कांग्रेस की राजनीतिक साजिश करार देते हुए माफी की मांग की।
बीजेपी नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की सिख विरोधी गलतियों को उजागर करता है और यह एक ऐतिहासिक अपराध था। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि इंदिरा गांधी “आयरन लेडी” थीं और यह कार्रवाई जरूरी थी, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ही भिंडरावाले को बढ़ावा दिया था।
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