समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे पूंजीपतियों की बिचौलिया सरकार करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना जनता को विश्वास में लिए पूंजीपतियों के फायदे के लिए कानून बनाती है और जनाक्रोश के डर से दिखावे के लिए कदम पीछे खींचती है.
सतीश सिंह, लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नीयत में कमी होने से तपस्या सफल नहीं होती. इस देश का किसान नीति भी जानता है और खेती भी. उन्होंने भाजपा सरकार को किसान विरोधी और पूंजीपतियों की बिचौलिया सरकार करार दिया.
किसानों के भले के लिए कुछ हासिल नहीं हो सकता
अखिलेश यादव ने कहा कि हमें इस सोच पर अफसोस है कि किसान विरोधी भाजपा सरकार को सही साबित करने की कोशिश लगातार की जा रही है. जिस सरकार की सोच खेत से लेकर खेती और खलिहान तक छीनकर पूंजीपतियों को दे देने की हो, उस सरकार का साथी बनकर किसानों के भले के लिए कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता.
जनाक्रोश के डर से पीछे खींचती है कदम
उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार ऐसे कानून बनाती ही क्यों है कि जनता के विरोध के कारण हर बार उन्हें वापस लेना पड़ता है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दरअसल पूंजीपतियों की बिचौलिया सरकार है. यह सरकार पूंजीपतियों से मिलने वाली कमीशनखोरी से चलती है, इसलिए जनता को विश्वास में लिए बिना ही खरबपतियों के फायदे के लिए कायदे-कानून बनाती है. जब जनता का दबाव बढ़ जाता है और जनाक्रोश का सामना नहीं कर पाती तो दिखावे के लिए एक कदम पीछे ले लेती है.
कानून वापस लेने के पीछे सरकार का डर
अखिलेश यादव ने कहा कि कानून वापस लेने के पीछे जनता की भलाई नहीं, बल्कि सरकार का डर होता है. भाजपाई और उनके संगी-साथी कुछ दिनों के लिए भूमिगत होकर नई साजिश रचते हैं और फिर दूसरे रूप में उन्हीं काले कानूनों को वापस ले आते हैं. यही सिलसिला दस साल से चल रहा है.
विदेशी डील का लबादा पहनकर आते हैं कानून
भूमि अधिग्रहण से लेकर तीन काले कानूनों तक का इतिहास यही रहा है. कभी ये कानून विदेशों की डील का नया लबादा पहनकर रूप बदलकर आ जाते हैं, जिनका विरोध आज भी जारी है. उन्होंने भाजपा को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि यह सरकार जनता को साथ लिए बिना कानून बनाने का षड्यंत्र करती है. भाजपा सिर्फ उनसे बात करती है जिन्हें लाभ होना है, क्योंकि उन्हीं से कमीशन मिलता है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जो किसान देश की बुनियाद है, वो फरियाद करे, ये ठीक नहीं.



