लखनऊ. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर कार्रवाई कर रही है.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के विरोधी लोग यूनिवर्सिटी बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम भाजपा के कुछ संकीर्ण सोच वाले समर्थकों को संतुष्ट करने के लिए उठाया जा रहा है.
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‘यूनिवर्सिटी बनाने वालों के खिलाफ ED कार्रवाई क्यों?’
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि स्कूल बंद करवाने वाले और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाले लोग अब यूनिवर्सिटी बनाने वालों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई करवा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है. अखिलेश ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वालों को परेशान किया जा रहा है.
‘भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?’
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर कई पुराने मुद्दों को लेकर भी हमला बोला. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भ्रष्टाचार के मामले हैं तो कई अन्य मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है. अखिलेश ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, रेलवे, स्कूलों की स्थिति, सड़कों की खराब हालत, पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, महाकुंभ से जुड़े आरोप और स्मार्ट सिटी योजनाओं को लेकर सरकार को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े मुद्दों पर कार्रवाई करने के बजाय विपक्ष से जुड़े नेताओं को निशाना बना रही है.
आजम खान के 10 ठिकानों पर ED की छापेमारी
गौरतलब है कि बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने आजम खान और उनके सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली समेत करीब 10 स्थानों पर की गई. ईडी की कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं, संदिग्ध फंडिंग और आर्थिक लेनदेन की जांच को लेकर की जा रही है. जांच एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह कार्रवाई की है.
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जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट पर जांच का फोकस
सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमों ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की. वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और अगर किसी मामले में अनियमितता मिली है तो कार्रवाई कानून के तहत होगी.


