लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. उन्हें लीगल और मीडिया के साथ अब निर्वाचन आयोग से जुड़े कामकाज की भी जिम्मेदारी दी गई है.
मायावती के इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. सतीश चंद्र मिश्रा लंबे समय से पार्टी के कानूनी और मीडिया मामलों को संभालते रहे हैं. अब चुनाव आयोग से जुड़े मामलों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी.
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चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने पर मायावती का जोर
मायावती ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए बसपा अपने जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर मजबूती से काम कर रही है. उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया चल रही है. साथ ही विधानसभा स्तर पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलनों में प्रत्याशियों के नामों की घोषणा भी की जा रही है.
मायावती ने कहा कि पार्टी की तैयारियों को देखकर विरोधी दलों के बीच चर्चा और चिंता होना स्वाभाविक है. उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से विरोधी दलों के हथकंडों को लेकर सतर्क रहने की अपील की.
सतीश मिश्रा को चुनाव आयोग से जुड़े काम की जिम्मेदारी
बसपा प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा लंबे समय से पार्टी के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं. अब उन्हें लीगल और मीडिया के साथ-साथ चुनाव आयोग संबंधी कार्यों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. मायावती के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग से जुड़े मामलों में सतीश चंद्र मिश्रा की भूमिका अहम रहेगी. चुनावी प्रक्रिया, कानूनी मामलों और पार्टी से जुड़े निर्वाचन संबंधी मुद्दों पर उनका अनुभव बसपा के लिए उपयोगी साबित हो सकता है.
ब्राह्मण वोट बैंक पर भी नजर?
सतीश चंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी ऐसे समय दी गई है, जब बसपा यूपी में अपने पुराने सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. सतीश मिश्रा लंबे समय से पार्टी के ब्राह्मण चेहरे के तौर पर भी सक्रिय रहे हैं. बसपा की कोशिश सर्वसमाज के बीच अपना आधार बढ़ाने की है. ऐसे में मिश्रा को चुनाव आयोग से जुड़ी अहम जिम्मेदारी देना चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. हालांकि, मायावती ने अपनी पोस्ट में इस फैसले को सीधे ब्राह्मण वोट बैंक से नहीं जोड़ा है.
2027 के लिए बसपा ने तेज की चुनावी तैयारी
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं. भाजपा और उसके सहयोगी दल संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं सपा और अन्य विपक्षी दल भी चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं. बसपा भी उम्मीदवारों के चयन और विधानसभा स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलनों के जरिए संगठन को सक्रिय कर रही है.
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मायावती लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और सर्वसमाज के बीच पहुंच बढ़ाने की अपील कर रही हैं. ऐसे में सतीश चंद्र मिश्रा को चुनाव आयोग से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दिया जाना बसपा की आगामी चुनावी रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.


