सतीश सिंह, लखनऊ. अदालती आदेश पर सहारनपुर में प्रशासन द्वारा गिराई गई मस्जिद को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए सांप्रदायिक वातावरण तैयार करती है. जिसकी शुरुआत भाषणों और बयानबाजी से होती है और बाद में इसका प्रभाव राजनीतिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई में दिखाई देता है.उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे राजनीतिक वातावरण के प्रति सतर्क रहें और लोकतांत्रिक एवं सामाजिक एकता के पक्ष में खड़े हों.

सोमवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान समाजवादी पार्टी की सरकार प्रदेश में बनने के बाद सम्राट अशोक की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश किये जाने और रिवर फ्रंट पर उनके स्मारक के निर्माण की बात अखिलेश यादव ने की. इसके साथ ही अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक से जुड़े ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कुशीनगर, संकिसा, सारनाथ सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को बेहतर बुनियादी ढांचे से जोड़कर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

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एआई के जरिये वीडियो बनाकर एक दूसरे पर हमले किये जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सकारात्मक इस्तेमाल होना चाहिए. उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल समाज के हित और जनकल्याण के लिए होना चाहिए, न कि नकारात्मक राजनीति या भ्रामक सामग्री तैयार करने के लिए. उन्होंने आरोप लगाया कि संकीर्ण विचारधारा वाले लोग वीडियो और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए समाज में एक-दूसरे को संदेश पहुंचाने तथा नकारात्मक माहौल बनाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी सोशल मीडिया और वीडियो के माध्यम से तेजी से संवाद करती है. ऐसे में इन माध्यमों का इस्तेमाल समाज को जोड़ने के लिए किया जाना चाहिए, न कि लोगों के बीच विभाजन पैदा करने के लिए. उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक मेकअप के लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रचार के लिए सोशल मीडिया और रील्स का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि सरकार के लोग सोशल मीडिया के लिए वीडियो बना रहे हैं तो उन्हें मोबाइल कैमरा सही तरीके से इस्तेमाल करना भी सीखना चाहिए.

पहले बोनस दिया फिर ठेका

उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए महंगाई, बेरोजगारी, निवेश और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सरकार के पास बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी का कोई ठोस जवाब नहीं है. साथ ही सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि हाईवे जनता की सुविधा और विकास के लिए बनाए जाने चाहिए, लेकिन इन परियोजनाओं के माध्यम से भाजपा और उससे जुड़े लोगों की जेबें भरने का काम किया जा रहा है. उन्होंने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए दावा किया कि परियोजना समय से पहले पूरी होने पर बोनस दिया गया और इसके बाद ठेका दूसरे जगह का दे दिया.

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अखिलेश यादव ने सहारनपुर की मस्जिद गिराए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब न्याय के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जैसे संवैधानिक रास्ते उपलब्ध हैं तो कानून को अपने हाथ में लेने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं प्रदेश में कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं. उन्होंने कहा कि जनता अब सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से घटनाओं की वास्तविकता जानना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक नेताओं और विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस को राजनीतिक लोगों की घेराबंदी के बजाय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पर ध्यान देना चाहिए.

मुख्यमंत्री स्वयं इंजीनियर बनेंगे तो विशेषज्ञ क्या करेंगे

अखिलेश यादव ने वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में विकास कार्यों पर खर्च को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि भारी धनराशि खर्च होने के बावजूद कई इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं. प्रयागराज में बारिश के बाद कई मोहल्लों में पानी भरने का उल्लेख करते हुए उन्होंने विकास की गुणवत्ता पर सवाल उठाया.उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री स्वयं इंजीनियर की भूमिका निभाएंगे तो विशेषज्ञों की भूमिका प्रभावित होगी.

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अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि समाज के जिन वर्गों की आबादी अधिक है, उन्हें उनकी जनसंख्या के अनुपात में अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि आरक्षण की व्यवस्था जारी रहनी चाहिए और सामाजिक न्याय के मुद्दे को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने समर्थकों से आगामी चुनाव में सरकार बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि अब चुनाव में बहुत कम समय बचा है और सामाजिक न्याय के लिए काम करने वाले सभी लोगों को एकजुट होना होगा.

PDA को बताया सामाजिक न्याय का गठबंधन

अखिलेश यादव ने पीडीए को प्रोग्रेसिव और पॉजिटिव लोगों का गठबंधन बताते हुए कहा कि इसमें वंचित, दुखी और सम्मान से वंचित लोगों को एक साथ लाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रेम, दया और अपनत्व के आधार पर समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर सामाजिक न्याय की सरकार बनाने का प्रयास किया जाएगा. अखिलेश यादव ने कहा कि संतों और साधु-संतों का समाज में हमेशा सम्मान रहा है और आगे भी रहेगा. हालांकि उन्होंने धार्मिक मुद्दों के नाम पर किए जा रहे कथित नकारात्मक प्रचार और संकीर्ण विचारधारा को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए समाज में भाईचारा और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना आवश्यक है.

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नशे के कारोबार को लेकर लगाए आरोप

अखिलेश यादव ने बिहार में शराब से जुड़े वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश से दूसरे राज्यों में कथित तौर पर शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों की दुकानों और पुलिस रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए. उन्होंने कोडीन आधारित नशीली दवाओं के कथित अवैध कारोबार का भी मुद्दा उठाया. वाराणसी में हाल में हुई कथित मादक पदार्थ बरामदगी का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े स्तर पर नशे का कारोबार चल रहा है. उन्होंने दावा किया कि इसमें राजनीतिक संरक्षण की भी जांच होनी चाहिए.