अलीगढ़ नगर निगम ने ‘अलीगढ़ वाइब्रेंट’ मुहिम के तहत शहर के 87 प्राथमिक विद्यालयों के कायाकल्प की योजना तैयार की है. अगले एक साल में इन स्कूलों की सुविधाओं पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
अलीगढ़. नगर निगम ने ‘अलीगढ़ वाइब्रेंट’ मुहिम के तहत नगरीय क्षेत्र के 87 प्राथमिक विद्यालयों के कायाकल्प की योजना तैयार की है. इन स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अगले एक साल में करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
योजना के पहले चरण में अगले चार माह के दौरान करीब चार करोड़ रुपये की लागत से जरूरी विकास और मरम्मत कार्य कराए जाएंगे. इस संबंध में गुरुवार को महापौर प्रशांत सिंघल, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा, बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह और मुख्य अभियंता वीके सिंह ने शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया.
पहले चरण के काम
बैठक में विद्यालयों की मौजूदा स्थिति और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर शिक्षकों से सुझाव लिए गए. नगर निगम ने शिक्षकों की ओर से बताई गई समस्याओं के आधार पर कामों की रूपरेखा तैयार की है.
पहले चरण में पेयजल, बालक और बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, यूरिनल में पानी की व्यवस्था, टाइल्स, फर्श की मरम्मत और बिजली व्यवस्था से जुड़े कार्य होंगे. इसके अलावा पंखे, फर्नीचर, हैंडवॉश यूनिट, रसोईघर, श्यामपट्ट, रंगाई-पुताई, चहारदीवारी और मेनगेट की मरम्मत भी कराई जाएगी.

छतों की मरम्मत, जलभराव की समस्या का समाधान और स्कूलों तक पहुंचने वाले रास्तों को दुरुस्त करने पर भी काम किया जाएगा.
दिव्यांग बच्चों की सुविधा
नगर निगम की योजना में दिव्यांग बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं शामिल हैं. विद्यालयों में दिव्यांग सुलभ शौचालय, रैंप और रेलिंग बनाई जाएगी.
जिन स्कूलों में खेल मैदान मौजूद हैं, वहां बच्चों के लिए झूले और जिम लगाने की भी योजना है. स्कूलों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सोलर सुविधा उपलब्ध कराने पर भी विचार किया गया है.
सफाई और बिजली व्यवस्था
बैठक में शिक्षकों ने स्कूलों में सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया. इस पर नगर आयुक्त ने अगले सात दिनों में स्कूलों के अंदर और बाहर से कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया.
नगरीय क्षेत्र के स्कूलों के बिजली बिल का भुगतान नगर निगम स्तर से किए जाने की बात भी कही गई.
गुणवत्ता की होगी निगरानी
स्कूलों के कायाकल्प कार्यों की निगरानी के लिए नगर निगम, शिक्षा विभाग और सामाजिक संगठनों की संयुक्त 10 सदस्यीय समिति गठित की जाएगी. समिति निर्माण कार्यों और उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता पर नजर रखेगी.
नगर निगम के आर्किटेक्ट स्कूलों का भौतिक सत्यापन भी करेंगे. महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा कि आने वाले दो वर्षों में शहर के सभी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के मुताबिक, पहले चरण के कार्यों के लिए अगले सात दिनों में निविदा प्रक्रिया शुरू करने और अगले एक माह में काम शुरू कराने का लक्ष्य है. जर्जर स्कूल भवनों की सूची बीएसए से मांगी गई है, जिसके बाद सर्वे कर जरूरत के अनुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी.



