Dharm Desk – इस बार की पूर्णिमा बेहद खास है. ज्येष्ठ अधिक मास में पड़ रही यह पूर्णिमा धार्मिक और खगोलीय दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण बन गई है. 31 मई के दिन आसमान में ब्लू मून का दुर्लभ नजारा देखने को मिलेगा. जिसे लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है.

खगोलीय विज्ञान के अनुसार, जब एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा पड़ती तो दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जाता है. मई में पहली पूर्णिमा महीने की शुरुआत में पड़ी थी जबकि दूसरी पूर्णिमा 31 मई को पड़ रही है. यही कारण है कि इस बार की पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जा रहा है. यह घटना सामान्यतः 2 से 3 साल में एक बार होती है. इसलिए इसे दुर्लभ है.

नाम हो सकता भ्रम

चंद्रमा नीले रंग का दिखाई देगा क्या? लेकिन वास्तविकता में ऐसा नहीं है इस दिन चांद सामान्य पूर्णिमा की तरह ही चमकीला और सफेद दिखाई देगा. ब्लू मून नाम केवल खगोलीय गणना पर आधारित है, न कि उसके रंग पर आधारित है.

भारत में कब दिखेगा नजर

भारत में इस अद्भुत नजारे को 31 मई की शाम सूर्यास्त के बाद देखा जा सकेगा. विशेष रूप से शाम 6:30 बजे से 7:30 बजे के बीच पूर्व दिशा में चंद्रमा स्पष्ट रूप से दिखाई देगा. मौसम साफ रहने पर इसे बिना किसी दूरबीन के भी आसानी से देखा जा सकता है.

इस दिन विशेष उपाय करना अत्यंत शुभ

धार्मिक मान्यताओं है कि इस दिन कुछ विशेष उपाय करना अत्यंत शुभ हो सकते है. पूर्णिमा की रात चंद्रमा को जल अर्पित करें और ओम सोमाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें. साथ ही सफेद वस्तुओं जैसे दूध, चावल या मिठाई का दान करना भी लाभकारी होगा. घर में सुख के लिए चांदनी रात में कुछ समय बिताना और माता लक्ष्मी की पूजा कर खीर का भोग लगाना विशेष फलनदायक होगा. परिवार की खुशहाली के लिए एक दीपक जलाना भी शुभ माना गया है.

राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार इस ब्लू मून का प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से सकारात्मक रहेगा. मेष राशि के जातकों को धन लाभ और करियर में उन्नति के संकेत है. सिंह राशि के लोगों को नई उपलब्धियां और आर्थिक लाभ मिल सकता है. जबकि मकर राशि के जातकों के लिए यह समय आत्म विश्वास और नए अवसर लेकर आएगा.