हरियाणा डेस्क। सड़क हादसे में जिंदगी की जंग हारने वाले युवक अमित सैनी ने मौत के बाद भी मानवता की ऐसी मिसाल कायम की, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान अमित का निधन हो गया, लेकिन शोक में डूबे परिजनों ने उनका नेत्रदान कर दो जरूरतमंद लोगों की जिंदगी रोशन करने का निर्णय लिया। परिवार के इस संवेदनशील कदम की हर ओर सराहना हो रही है।
गांव बीड़ कालवा निवासी अमित सैनी 24 जून की रात अपने साथी रजत के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहे थे। गांव डीग के पास एक फैक्ट्री के निकट उनकी बाइक भीषण हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना में अमित गंभीर रूप से घायल हो गए।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दिखाई संवेदनशीलता
हादसे के समय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का काफिला उसी मार्ग से गुजर रहा था। सड़क पर घायलों को तड़पता देख मुख्यमंत्री ने तत्काल अपना काफिला रुकवाया, खुद मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बिना देर किए अपने काफिले की एंबुलेंस से अमित और रजत को शाहाबाद अस्पताल भिजवाने के निर्देश दिए।
शाहाबाद अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने अमित की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद अमित की जान नहीं बचाई जा सकी और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
मौत के बाद भी दे गए जिंदगी की सौगात
अमित के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन इस कठिन समय में भी परिजनों ने साहस का परिचय देते हुए उनकी आंखें दान करने का फैसला लिया। इस नेक पहल से दो जरूरतमंद लोगों की दुनिया फिर से रोशन हो सकेगी। अमित का यह अंतिम उपहार समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।

