चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नई दिल्ली दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। उनकी सुरक्षा के लिए भारतीय और चीनी सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार तालमेल बनाया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, NSG, SPG, दिल्ली पुलिस SWAT और स्पेशल सेल समेत पैरामिलिट्री बलों की तैनाती की गई है।

जिनपिंग के पहुंचने से पहले ही इलाका सुरक्षा घेरे में

शी जिनपिंग की सुरक्षा व्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा प्री-एम्प्टिव सिक्योरिटी है। यानी राष्ट्रपति के पहुंचने से काफी पहले ही होटल, कार्यक्रम स्थल, रूट और आसपास के इलाकों का सुरक्षा ऑडिट किया जाता है। संभावित खतरों की पहचान कर उन्हें पहले ही नियंत्रित करने की कोशिश की जाती है।

कई स्तरों में सुरक्षा का इंतजाम

रिपोर्टों के अनुसार, जिनपिंग की मुख्य सुरक्षा में चीन का Central Guard Bureau महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विदेश यात्राओं के दौरान चीनी सुरक्षा दल मेजबान देश की एजेंसियों के साथ मिलकर रूट, होटल और कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देते हैं। बड़े पैमाने पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ सादे कपड़ों में सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी भी बताई जाती है। सुरक्षा जांच कई दिन पहले शुरू होने की बात सामने आती रही है।

एयरस्पेस से लेकर टेक्निकल सर्विलांस तक नजर

सुरक्षा व्यवस्था में केवल जमीनी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि एयरस्पेस मॉनिटरिंग, टेक्निकल सर्विलांस और साइबर सुरक्षा पर भी जोर दिया जाता है। रिपोर्टों में AI आधारित फेसियल रिकग्निशन और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी जैसी तकनीकों के इस्तेमाल का भी उल्लेख मिलता है।

खास बुलेटप्रूफ कार से सफर

शी जिनपिंग की विदेश यात्राओं में चीन की Hongqi N701 जैसी विशेष सुरक्षा वाहन का इस्तेमाल चर्चा में रहा है। इसे उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। कुल मिलाकर, जिनपिंग की दिल्ली यात्रा के दौरान सुरक्षा का फोकस केवल वीवीआईपी के आसपास सुरक्षा घेरा बनाने पर नहीं, बल्कि रूट, होटल, कार्यक्रम स्थल और संभावित खतरों की पहले से निगरानी पर है।

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