कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के पानीपत में दिए गए एक बयान को लेकर विवाद गहरा गया है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय संरक्षक और पूर्व कैबिनेट मंत्री संपत सिंह ने उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग करते हुए हिसार के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में डॉ. अर्चना गुप्ता और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है।

संपत सिंह ने शिकायत में कहा है कि 11 अगस्त को पानीपत में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. अर्चना गुप्ता ने जाट समुदाय को लेकर ऐसी टिप्पणियां कीं, जिनसे समाज में रोष और असंतोष पैदा हुआ है। उनका आरोप है कि बयान में जाट समुदाय को एक विशेष वर्ग के तौर पर संबोधित करते हुए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्ववर्ती शासन और सरकारी नौकरियों को लेकर भी टिप्पणी की गई। संपत सिंह का आरोप है कि डॉ. गुप्ता ने अपने वक्तव्य में कहा कि पूर्व शासनकाल में केवल नेताओं के बच्चों और रिश्तेदारों को नौकरियां दी गईं और उन्होंने कथित तौर पर ‘विशेष वर्ग’ से जुड़े लोगों का उल्लेख किया।

संपत सिंह ने पुलिस को दिए आवेदन में दावा किया है कि पूरे बयान का प्रभाव जाट और गैर-जाट समुदायों के बीच वैमनस्य और तनाव बढ़ाने वाला हो सकता है। उन्होंने इसे सामाजिक शांति के लिए गंभीर विषय बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

BNS की धाराओं में कार्रवाई की मांग
INLD नेता ने शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 197 तथा 356(3) और 356(4) के तहत मामला दर्ज करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि धारा 196 और 197 संज्ञेय अपराधों से संबंधित हैं, इसलिए मामले की जांच के लिए FIR दर्ज किया जाना आवश्यक है।

संपत सिंह ने यह भी मांग की है कि डॉ. अर्चना गुप्ता को कथित बयान देने के लिए उकसाने, सलाह देने या सहयोग करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

सोशल मीडिया से वीडियो हटाने की भी मांग

शिकायत में प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो और विभिन्न समाचार चैनलों तथा सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रसारित संबंधित सामग्री का भी उल्लेख किया गया है। संपत सिंह ने पुलिस से ऐसी सामग्री को हटाने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि कथित आपत्तिजनक बयान का आगे प्रसार न हो और सामाजिक माहौल प्रभावित न हो।

संपत सिंह ने पुलिस अधीक्षक से उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर डॉ. अर्चना गुप्ता समेत संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप संपत सिंह के पक्ष पर आधारित हैं। इस मामले में डॉ. अर्चना गुप्ता या बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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