Dharm Desk – हम रोज चलते हैं, सड़कों पर, घर में, ऑफिस में… लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि आपकी चाल भी आपकी पहचान बन सकती है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चाल केवल शरीर की हरकत नहीं, बल्कि मन और व्यक्तित्व का आईना है. ज्योतिष शास्त्र मानता है कि व्यक्ति की हर छोटी-बड़ी आदत उसके स्वभाव और सोच को दर्शाती है. चलने का तरीका भी उन्हीं में से एक है. जो अनजाने में ही आपके व्यक्तित्व, मानसिक स्थिति और जीवन दृष्टिकोण को उजागर कर देता है. अगर आप ध्यान से देखें, तो बिना कुछ बोले ही सामने वाले के बारे में बहुत कुछ जाना जा सकता है.

दिखावे और भौतिकता का संकेत मिलता है
जो लोग हाथ में मोबाइल या पर्स को आगे करके चलते हैं वे अक्सर दिखावटी स्वभाव के माने जाते हैं. ऐसे व्यक्ति बात चीत में माहिर होते है और लोगों को प्रभावित करना जानते है. इन्हें घूमना-फिरना, नई चीजें एक्सप्लोर करना. भौतिक सुख जुटाना बेहद पसंद होता है, इनके लिए लाइफस्टाइल ही पहचान बन जाती है.
धीरे-धीरे चलने वालों का स्वभाव
धीरे-धीरे चलने वाले लोग अक्सर अंदर से जटिल स्वभाव के होते है. इनमें अहंकार की भावना अधिक होती है और ये अकेले रहना पसंद करते है. वहीं एक हाथ जेब में डालकर चलने वाले लोग शक्की और झक्की माने जाते हैं. ये अपनी छोटी-छोटी बातें भी छिपा नहीं पाते और जीवन को साधारण तरीके से जीते है लेकिन आलस्य इनकी कमजोरी बन जाता है.
जल्दबाज और परिस्थितियों से बचने में माहिर
जो लोग गर्दन सीधी रखकर और सीना तानकर तेजी से चलते हैं. वे आत्मविश्वासी जरूर दिखते हैं, लेकिन ज्योतिष के अनुसार ये जल्दबाज और परिस्थितियों से बचने में माहिर होते है. वहीं कंधे झुकाकर चलने वाले लोग मेहनती होते है, परंतु उन्हें उनकी मेहनत के अनुसार सफलता नहीं मिल पाती. जीवनभर ये भौतिक सुविधाओं के पीछे भागते रहते हैं.
ऊर्जा, संवेदनशीलता और मानसिक स्थिति
हाथ फैलाकर और गर्दन ऊंची रखकर चलने वाले लोग दिल के साफ और मददगार होते है. ये दूसरों के दुख में साथ देने वाले होते है. वहीं जो लोग ज्यादा हाथ हिलाकर चलते हैं, वे चंचल और अल्हड़ स्वभाव के होते है. दूसरी ओर, कंधे लटकाकर चलने वाले व्यक्ति अक्सर मानसिक दबाव में रहते है. उनकी चाल ही उनके अंदर की बेचैनी को दिखा देती है.

